व्हाट्सएप से जुड़ने के लिए यहां क्लीक करें
बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र लूट कांड में मां बेटी सहित मुख्य आरोपी गिरफ्तार, इस दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने रचित घटना की साजिश
दूरबीन न्यूज डेस्क। नगर थाना क्षेत्र के काशीपुर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 7 मई को 10 करोड़ के आभूषण और 15 लाख नकदी लूट मामले में मां-बेटी समेत पांच और अपराधकर्मियों को पुलिस ने दबोचा है। उससे लूट के 447 ग्राम सोने के आभूषण, लूट की बाइक एवं पिस्टल व गोली भी बरामद की गई है। सदर एसडीपीओ-1 कार्यालय पर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय ने प्रेस वार्ता में बताया कि एसटीएफ, डीआईयू व नगर पुलिस ने संयुक्त कारवाई में सफलता हासिल की है।


इससे पहले 2 लाख के ईनामी कुख्यात कर्मवीर समेत चार बदमाशों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिर से मां-बेटी समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इन बदमाशों में मोहनपुर थाना क्षेत्र के विनगामा निवासी व वर्तमान में नगर थाना के काशीपुर निवासी अशेश्वर प्रसाद राय के पुत्र दीपक कुमार उर्फ दीपक मुंशी, कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी व वर्तमान में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आदर्शनगर निवासी राजकुमार झा के पुत्र रमेश कुमार झा, वैशाली के महनार थाना क्षेत्र के खरजामा के रामबाबू राय की बेटी अनुराधा कुमारी व पत्नी फुलपरी देवी शामिल हैं। दोनों महिला बदमाश अखिलेश राय की सास और साली हैं। इसके अलावे वैशाली के ही देसरी थाना क्षेत्र के सुरेश साह के पुत्र दीपक सोनार शामिल है। दीपक ने पूछताछ के क्रम में अपना अपराध स्वीकार करते हुए घटना में शामिल अन्य अपराधकर्मियों का नाम बताया। इसके बाद चार अन्य की गिरफ्तारी आभूषण के साथ हुई।

दीपक मुंशी ने स्वीकार किया है कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र की डकैती की घटना को एक राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कुमार झा के द्वारा बनाई गई योजना के तहत अन्य साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया। रमेश कुमार झा ने ही बताया था कि बैक ऑफ महाराष्ट्र में काफी मात्रा में सोना रखा हुआ है, क्योंकि वह बराबर बैंक आते जाते रहता था। उसने बैंक से गोल्ड लोन भी ले रखा था। दीपक मुंशी को उसने बताया था कि बैंक में स्टाफ भी कम है। गार्ड भी नहीं रहता। इसके बाद दीपक, अखिलेश राय के साथ आदर्शनगर स्थित रमेश कुमार झा के घर गये। सभी बैंक की रेकी की। रमेश ने इस बैंक से 23 लाख रुपये गोल्ड लोन अपने पत्नी व बच्चे के नाम से लोन ले रखा था।
बैंक पैसा जमा करने का दबाव बना रहा था। एसडीपीओ ने बताया कि रमेश झा ने बैंक में जो आभूषण रखा था, उसको बैंक के चेकर से मिलीभगत कर ज्वेलरी का मूल्य बढ़ाकर लोन लिया था। इसी कारण रमेश झा ने डकैती करवाई। रमनेश ने भी अपना अपराध स्वीकारा है। एसडीपीओ ने बताया कि घटना के बाद रमेश कमार झा दीपक के साथ रजरप्पा मंदिर, दिल्ली एवं जालंघर गया था। जालंघर कोर्ट में वह आत्मसमर्पण करने वाला था। इसी दौरान पुलिस के द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दीपक मुंशी ने बताया कि अखिलेश राय उर्फ गोलू के ससुराल से भी आभूषण की बरामदगी हुई हैं। गिरफ्तार सभी अपराधकर्मियों का अपराधिक पृष्टभूमि रहा है।





