दूरबीन न्यूज डेस्क, समस्तीपुर। अब सरकारी अस्पताल में नियमित रुप से देसी चिकित्सा से मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसको लेकर बिहार सरकार ने समस्तीपुर में 112 आयुष चिकित्सकों की पोस्टिंग कर दी है। जिसके बाद अब इन आयुष चिकित्सकों को फिलहाल अगले आदेश तक विभिन्न अस्पतालों में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। इसमें होमियोपैथिक, यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक शामिल है।


जिनके द्वारा मरीजों को देसी पद्धति के तहत भी इलाज किया जाएगा। जरुरत मंद मरीजों को देसी चिकित्सा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। विदित हो कि पहले भी कुछ सरकारी अस्पतालों में आयुष चिकित्सक की पोस्टिंग संविदा के आधार पर की गयी थी।
लेकिन मार्च के दूसरे सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टिंग के इंतजार में बैठे आयुष चिकित्सकों की सेवा को स्थायी करते हुए विभिन्न जिला आवंटित कर योगदान करने का आदेश दिया।


इसके तहत समस्तीपुर जिले में 112 आयुष चिकित्सकों की पोस्टिंग की गयी। बताया जाता है कि लोकसभा चुनाव की घोषणा की संभावना को देखते हुए डुगडुगी बजने से पहले ही जिला में योगदान करा दिया गया था।
जिसके बाद यह प्रक्रिया शुरु हो गयी।
मुख्यालय से भेजे गए आयुष चिकित्सकों के द्वारा सीएस कार्यालय में योगदान कर दिया गया था।


इसके बाद सीएस डॉ. एसके चौधरी ने विभाग के निर्देश के आलोक में सभी चिकित्सकों को अगले आदेश तक चिकित्सकीय कार्यों के प्रशिक्षण के लिए विभिन्न अस्पताल आवंटित कर दिया। अगले आदेश तक आयुष चिकित्सक आवंटित अस्पताल में योगदान करते हुए चिकित्सकीय कार्यों के प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
साथ ही सरकार के द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त करेंगे। ताकि आने वाले मरीजों को इन योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।

इसके तहत सदर अस्पताल में चार डॉक्टरों को भेजा गया। इसमें तीन होमियोपैथिक चिकित्सा पदाधिकारी में डॉ. वीणा कुमारी, डॉ. अमिता कुमारी, डॉ. विजय कुमार यादव एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारी के रुप में डॉ. संजीव कुमार ने योगदान किया है।
इसी प्रकार पीएचसी, सीएचसी, रेफर एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में भी आयुष चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गयी है।






