दूरबीन न्यूज डेस्क, समस्तीपुर। स्वास्थ्य विभाग में संविदा नियुक्त एवं संविदा विस्तार के लिए आवेदन पत्र को अग्रसारित किए जाने के मामले में अनियमितता बरते जाने की शिकायत डीएम से की गयी। बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोपगुट के जिला सचिव अजय कुमार ने डीएम को दिए पत्र में सिविल सर्जन के द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग एवं निदेशक प्रमुख के पत्रों की अनदेखी करने की शिकायत की गयी थी।


जिसके आलोक में शनिवार को एडीएम आपदा राजेश कुमार सिंह जांच को पहुंचे। इस दौरान सीएस कार्यालय में उक्त मामले के बारे में पूछताछ भी की गयी। इसको लेकर सिविल सर्जन कार्यालय में दिन भर गहमागहमी का माहौल रहा।
इस संबंध में सीएस डॉ. एसके चौधरी ने कहा कि संविदा विस्तार एवं संविदा नियुक्ति के लिए कमेटी गठित है। कुछ मामले में कैडर की समस्याएं आ रही है। जिसको देखा जा रहा है। इसके लिए सभी पीएचसी प्रभारी को भी निर्देश दिया गया है।


डीएम को दिए गए पत्र के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थापित लिपिक की संविदा नियोजन मात्र एक वर्ष के लिए करनी है, परंतु सीएस द्वारा नियमों की
अनदेखी व लेनदेन कर संविदा लिपिक रमेश प्रसाद एवं राम नंदन कुमार रजक की संविदा विस्तार के लिए अनुशंसित कर भेजा गया। जिसके बाद डीएम के स्तर से भी संविदा विस्तार हेतु प्रस्ताव को पारित कर दिया गया है, जो नियम के विरुद्ध है।


सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा आदेशित है कि राज्य स्तरीय पद पर संविदा नियोजन सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग की देखरेख में संविदा नियोजित करनी है, जिससे भी सिविल सर्जन द्वारा एएनएम एवं फार्मासिस्ट की प्रक्रिया पूरी कर उसे अनुशंसित कर डीएम को संविदा नियोजन व विस्तार के लिए भेज दिया गया है। Health news






