दूरबीन डेस्क। राज्य सरकार अपने संसाधन से करीब 58 लाख परिवारों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा देगी। यह पूरी तरह केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत की तर्ज पर होगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। बैठक में कुल 35 एजेंडों को मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य विभाग (Health department) की योजना का लाभ वर्ष 2024-25 से मिलने की संभावना है। राज्य कैबिनेट में आए प्रस्ताव के अनुसार केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना से वंचित परिवारों को राज्य सरकार अपने संसाधन से पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा देगी। पांच लाख रुपये का यह बीमा कैशलेस होगा।

बीमार पड़ने पर केंद्र की योजना की तर्ज पर इस योजना से चयनित अस्पतालों में मरीज अपना इलाज करा सकेंगे। बिहार के 1.09 करोड़ परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया था। राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने इसे संशोधित कर 1.21 करोड़ परिवार कर दिया। वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में 1.79 करोड़ परिवार हैं। इस तरह आयुष्मान भारत योजना से ऐसे करीब 58 लाख परिवार वंचित रह गए थे। कैबिनेट ने इन्ही वंचित परिवारों को मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के तहत यह सुविधा दी है। इसका पोर्टल आयुष्मान भारत वाला ही होगा। इन दोनों योजना के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री चिकित्सा कोष योजना का लाभ नहीं मिलेगा।





