आयुष्मान गोल्डेन कार्ड बनाने में मोरवा ब्लॉक सबसे आगे, सबसे बड़ा ब्लॉक विभूतिपुर है निचे से नम्बर वन, निःशुल्क बनाया जाता है कार्ड

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समस्तीपुर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनाने को लेकर एक बार फिर से प्रक्रिया तेज हो गयी है। प्रखंडों में वसुधा केंद्र के अलावे प्रखंडों में कार्यरत डाटा ऑपरेटरों के द्वारा भी लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। ताकि जरुरत मंद को किसी भी अस्पताल में पांच लाख तक की नि:शुल्क चिकित्सा उपलब्ध हो सके। इस कड़ी में समस्तीपुर जिले में अब तक तीन लाख 73 हजार 455 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है।

जबकि जिले में 25 लाख 97 हजार 603 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें मोरवा प्रखंड सबसे अधिक 19 हजार 604 कार्ड बनाकर पहले पायदान पर है। मोरवा ने अपने लक्ष्य का 18 प्रतिशत कार्ड बनाया है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सभी प्रखंडों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें मात्र नौ प्रखंडों के द्वारा 15 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा किया गया है। शेष प्रखंड का प्रतिशत नीचे हैं। मोरवा 18 प्रतिशत पूरा करने के कारण पहले पायदान पर है।

जबकि पटोरी 17 प्रतिशत कार्ड बनाकर दूसरे स्थान पर है। वहीं समस्तीपुर, मोहिउद्दीननगर ताजपुर व विद्यापतिनगर प्रखंडों ने 16-16 प्रतिशत कार्ड बनाया है। वहीं खानपुर, दलसिंहसराय, रोसड़ा व वारिसनगर प्रखंडों में 15 प्रतिशत लोगों का ही कार्ड बना है। जिले में विभूतिपुर प्रखंड सबसे बड़ा प्रखंड है, बावजूद लक्ष्य को पूरा करने में यह प्रखंड सबसे पीछे है। विभूतिपुर के अलावे सिंघिया प्रखंड ने अपने लक्ष्य का मात्र 12 प्रतिशत लोगों का ही आयुष्मान कार्ड बनाया है।

वहीं 14 प्रतिशत कार्ड बनाने वाले प्रखंडों में दलसिंहसराय, कल्याणपुर, सरायरंजन एवं पूसा शामिल है। जबकि शिवाजीनगर, हसनपुर बिथान, मोहनपुर एवं उजियारपुर प्रखंडों में लक्ष्य का मात्र 13 प्रतिशत लोगों का ही आयुष्मान कार्ड बनाया गया है। आयुष्मान भारत के तहत दिसंबर महीने में जिले में 5373 लोगों का कार्ड बनाया गया। जबकि 344 लोगों का कार्ड किसी ना किसी कारण से रिजेक्ट कर दिया गया।

वहीं 575 लोगों का कार्ड फिलहाल पेंडिंग की सूची में है। जिसे बनाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। डीपीसी कंचन माला ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। इसके लिए लाभुक किसी भी वसुधा केंद्र या शिविर के दौरान कार्ड बनवा सकते हैं। प्रखंडों में भी कार्ड बनाने की व्यवस्था है। पंचायतों में भी यह व्यवस्था की गयी है। इसके लिए किसी भी प्रकार की शुल्क नहीं ली जाती है। यह कार्ड नि:शुल्क ही बनाया जाता है।

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