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समस्तीपुर। डीएम योगेन्द्र सिह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई। बैठक में डीएम द्वारा स्वास्थ्य विभाग में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के उपलब्धि की समीक्षा के क्रम में निम्नांकित निर्देश दिये गये। भव्या पोर्टल की स्थिति की समीक्षा के क्रम में ज्ञात हुआ कि जिलान्तर्गत कुल 38 स्वास्थ्य संस्थान हैं। अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को भव्या पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन निबंधन एवं दवा वितरण किया जाना है। वैसे स्वास्थ्य संस्थान जो 50 प्रतिशत से कम निबंधित मरीजों का ऑनलाइन दवा वितरण किया है। पीएचसी वारिसनगर-38, एपीएचसी सलेमपुर-38, एपीएचसी-रूपौली- 36, एपीएचसी बिरसिंगपुर-31, पीएचसी शिवाजीनगर-31 एवं एपीएचसी चंदौली मोरवा-09, संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से कारण पृच्छा करते हुए आवष्यक सुधार लाने हेतु निदेषित किया गया। साथ ही अगली बैठक में भव्या के जिला समन्वयक को उपस्थित होने हेतु आदेषित किया जाय।

वही जिला अस्पताल, समस्तीपुर के ओपीडी में चिकित्सकों के द्वारा देखे गये मरीजों की संख्या की समीक्ष की गई। समीक्षा के क्रम में ज्ञात हुआ कि डा. राजीव झा-05 दिन, डा. अदिति प्रियदर्षनी-05 दिन, डा. ईशरत परवीन-05 दिन, डा. राजेश कुमार यादव-05, डा एनके चौधरी-04 एवं डा मनीष कुमार-05 दिन ही ओपीडी में मरीज को चिकित्सकीय सेवा प्रदान किया गया है, जो अन्य चिकित्सकों से अपेक्षाकृत काफी कम है।जिलाधिकारी द्वारा उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, समस्तीपुर को ओपीडी की संख्या में आवश्यक सुधार लाने हेतु निदेशित किया गया। साथ ही चिकित्सक वार किये गये ओपीडी एवं आपातकालीन सेवा दिनों की संख्या से संबंधित प्रतिवेदन प्रतिवेदित करने हेतु निदेषित किया गया।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अन्तर्गत चलन्त चिकित्सा दल के द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में किए गए कार्यो का समीक्षा किया गया। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मोहनपुर (57), पूसा (56), बिथान (55) सरायरंजन (54) बिभूतिपुर (51) वारिसनगर (19) प्रतिशत हसनपुर एवं पटोरी में आरबीएसके टीम में चिकित्सक पदस्थापित नहीं होने के कारण उपलब्धि शून्य है। जबकि प्रत्येक टीम के द्वारा कम से कम 80 बच्चों का स्वास्थ्य जाँच प्रतिदिन किया जाना है, जो अन्य संस्थानों एवं जिला की औसत उपलब्धि 63 प्रतिशत से अपेक्षाकृत काफी कम है। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को उपलब्धि में आवश्यक सुधार लाने हेतु संबंधित टीम से कारण पृच्छा करने का निदेश दिया गया। 
अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अन्तर्गत 06-59 महिने की उम्र के बच्चों को दिये गये आयन सिरफ की समीक्षा किया गया। समीक्षा के क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उजियारपुर एवं पूसा को छोड़कर अन्य सभी स्वास्थ्य संस्थानो का उपलब्धि 40 प्रतिषत से अपेक्षाकृत काफी कम है, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा नराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से कारण पृच्छा करने हेतु सिविल सर्जन, समस्तीपुर को निदेषित किया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अन्तर्गत सभी संस्थानों को हाई रिक्स प्रेगनैंसी को चिन्हित (10 प्रतिशत) करने का निदेश दिया गया। साथ ही आवश्यकतानुसार दो से तीन दिन प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन करने हेतु भी निदेशित किया गया।

कुछ स्वास्थ्य संस्थान में हाई रिक्स प्रेगनैंसी 5 प्रतिशत से कम होने के कारण यथा-ताजपुर (4.7), बिथान (4.7), शिवाजीनगर (4.3) मोहनपुर (4.2) हसनपुर (3.0) एवं समस्तीपुर (2.3) प्रतिशत है, जो अन्य स्वास्थ्य संस्थानों एवं जिला के औसत उपलब्धि 6.0 प्रतिषत से अपेक्षाकृत काफी कम है। संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से कारण पृच्छा करते हुए आवष्यक सुधार लाने हेतु निदेषित किया गया। साथ ही अगली बैठक में जिला अस्पताल का उपलब्धि अगल से प्रर्दषित करने हेतु जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकरन पदाधिकारी को निदेषित किया गया। ई-संजीवनी कार्यक्रम के अन्तर्गत कुल किए गए टेली कनसलटेशन की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि कुछ स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत चिकित्सकों के द्वारा 100 से भी कम टेली कनसलटेशन किया गया है,

यथा- डा प्रज्ञा प्राची-89, प्रियंका प्रियर्दषनी-82, रीचा कुमारी-65, रतन प्रिया-51, विकास-26, जाहिन फातमा-23, कृष्णा सिंह-20, पल्लवी कुमारी-17, रवि राज-14, आर्या-12, प्रियंका कुमारी-02, विकास कुमार-01, कुमारी करिषमा-0, रिया-0 एवं रागीब अंसारी-0 है, जो अन्य चिकित्सक से अपेक्षाकृत काफी कम है। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निदेषित किया गया कि 100 से कम उपलब्धि प्राप्त करने वाले चिकित्सकों एवं शून्य कॉल करने वाले एएनएम व सीएचओ से कारण पृच्छा करते हुए आवष्यक सुधार लाया जाय। साथ ही 500 से कम टेली कनसलटेशन करने वाले स्पोक्स -बिथान, वारिसनगर, मोरवा, मोहनपुर, शिवाजीनगर, हसनपुर, पूसा, रोसड़ा, पटोरी एवं मोहिउद्वीननगर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से कारण पृच्छा करने हेतु सिविल सर्जन को निदेषित किया गया।

आशा चयन के संबंध में निदेशित किया गया कि कार्यक्रम कि महत्ता को देखते हुए आशा चयन पूर्ण करना अतिआवश्यक है और इसे माह जनवरी, 2023 तक हुए रिक्त आशा का पद पर आशा का चयन पूर्ण कर लिया जाय, निर्धारित समय सीमा के अंदर चयन नहीं होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। उक्त जानकारी डीपीआरओ अश्विनी कुमार चौबे ने प्रेसविज्ञप्ति जारी कर दी।





