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समस्तीपुर। राज्य के पूर्व मंत्री व मोहिउद्दीननगर से चार बार विधायक रह चुके रामचंद्र राय के निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के बावजूद राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि नहीं किया गया। इसको लेकर बढ़ता आक्रोश अब धरना में तब्दील हो गया। पर्यावरण सेवी सुजीत भगत के नेतृत्व में मंगलवार को दशहरा स्थित स्वतंत्रता सेनानी बांके बिहारी राय प्रतिमा-स्थल पर मंगलवार को उपवास रखने के साथ धरना दिया। इस दौरान क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों ने भी हिस्सा लिया।


धरना पर बैठे लोगों में इस बात को लेेकर आक्रोश था की, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सोशल मीडिया ‘x’ पर पर शोक संदेश में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की घाोषणा की गयी थी। बावजूद स्थानीय प्रशासन ने राजकीय सम्मन देने की कोई व्यवस्था नहीं की। यह पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री के प्रति प्रशासन का संवेदनहीन रवैया था। उनका कहना था कि इस मामले की जांच के बाद सरकार को दोषी पर कार्रवाई करनी चाहिए। विदित हो भाजपा विधायक राजेश कुमार सिंह ने भी इस पड़ कड़ी आपत्ति जताते हुए सोशल मीडिया पर अपना विरोध जताए थे।


मौके पर मोहिउद्दीननगर के प्रखंड प्रमुख जवाहरलाल राय, कम्युनिस्ट नेता प्रो. मनोज कुमार सुनील, पंसस जित्तू सिंह, मुकेश चौहान, डॉ. सुनील कुमार, कांग्रेस नेता अविनाश झा, रणधीर राय, मनीष सिंह चौहान, विक्रम कुमार, सुबोध राय, सुनील कुमार शूरमा, मृत्युंजय झा, प्रमोद कुमार, सुधांशु प्रसाद यादव, मनीष पासवान, कुणाल राय, मिथिलेश कुमार,अशोक कुमार मुखिया, अमन कुमार , रामरूप राय, बुलबुल सिंघानिया, सुबोध राय आदि थे।

बतादें की कुरसाहा निवासी पूर्व मंत्री व विधायक रामचंद्र राय का निधन शनिवार की देर शाम पटना में स्थित निवास पर हो गया था, जहां से रविवार को पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव कुरसाहा लाया गया था। उसी दिन सामाजिक सम्मान के साथ उनका दाह-संस्कार धमौन के बुलगानिन घाट पर कर दिया गया था।






