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समस्तीपुर। समस्तीपुर रेल मंडल के सीएमएस श्रीप्रकाश ने कहा कि हर लोगों को जागरुक करने की जरुरत है। ताकि एचआईवी को समाप्त किया जा सकें। हम लोगों की जवाबदेही है लोगों को इसके प्रति जागरुक करें। उन्होंने कहा कि कोई जरुरी नहीं की एचआईवी पॉजेटिव हो तो उसको एड्स है। एचआईवी पॉजेटिव होना एड्स नहीं होता है। एचआईवी व एड्स में अंतर होता है। इसे भी लोगों को समझने की जरुरत है। उक्त बातें उन्होंने रेल मंडल मुख्यालय स्थित ललित कला केंद्र में एचआईवी एवं एड्स विषय पर प्रशिक्षण सह उन्मुखिकरण कार्यक्रम में कही।


उक्त कार्यक्रम का आयोजन बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के द्वारा किया गया था। जिसमें आरपीएफ कर्मियों को एचआईवी एवं एड्स के प्रति जागरुक किया गया। इसका उद्घाटन रेल मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. श्रीप्रकाश, आरपीएफ कमांडेंट टीएस गोपा कुमार, बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के उप निदेशक अरबिंद कुमार, सहायक निदेशक मिथिलेश कुमार पांडेय, सतविंदर कौर ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्जवलित कर दिया। इस दौरान बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के उप निदेशक अरबिंद कुमार ने कहा कि वर्ष 2030 तक देश को एचआईवी मुक्त करने का संकल्प लिया गया है।



उन्होंने कहा कि इसके लिए हर लोगों को जागरुक होने एवं जागरुक करने की जरुरत है। एचआईवी एवं एड्स के प्रति जागरुकता ही बचाव होता है। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर भी इसके प्रचार प्रसार व्यवस्था कराने की अपील की। मौके पर डॉ. मनीष कुमार, हेल्थ विजिटर सुरजीत कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर वेद प्रकाश वर्मा, एसआई पीके चौधरी, मनीष कुमार, अशोक कुमार, आरआरपी सिंह सहित कई अधिकारी व आरपीएफ कर्मी सहित अन्य उपस्थित थे।






