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समस्तीपुर। बिहार में डॉक्टर पर आए दिन हमले हो रहे हैं। जिसके कारण डॉक्टर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस कड़ी में पूर्णिया में पुलिस के सामने सर्जन डॉक्टर राजेश पासवान पर जानलेवा हमला किया गया। इसके विरोध में 21 नवंबर मंगलवार को बिहार के सभी स्थानों पर चिकित्सा सेवा बाधित करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हुई आपात बैठक में लिया गया। जिसमें सरकारी अस्पतालों में भी इमरजेंसी सेवा छोड़कर के सभी सेवा को ठप करने का निर्णय लिया गया है।


इस संबंध में आईएमए के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी सूचना दी गई है। आईएमए समस्तीपुर के संयुक्त सचिव डॉ हेमंत कुमार सिंह ने बताया कि आईएमए के आह्वान पर 21 नवंबर को जिले में चिकित्सा सेवा को बन्द रखा जाएगा। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष के जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूर्णिया जिले में सर्जन डॉ राजेश पासवान पर 18 नवंबर को पुलिस के सामने जानलेवा हमला किया गया था। सर्जन पर हमले किए जाने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बिहार के आह्वान पर समस्तीपुर आईएमए ने भी 21 नवंबर को एकदिवसीय हड़ताल पर जाने की घोषणा की गयी है।


उन्होंने कहा कि आईएमए सरकार से मांग करती है कि सभी दोषियों पर बिहार चिकित्सीय संस्थान एवं व्यक्ति सुरक्षा नियमावली 2018 के अंतर्गत तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि इस घटना के विरोध में मंगलवार को को राज्य के सभी चिकित्सीय संस्थानों में कार्य में सेवा बाधित रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इमरजेन्सी सेवा छोड़कर सभी सेवा बंद रहेगा। 22 नवंबर को बिहार आईएमए के एक्शन कमिटी की विस्तारित बैठक होगी। जिसमें आगे की रणनीति बनायी जाएगी।


उन्होंने कहा कि सरकार से यह भी मांग करते हैं कि बिहार चिकित्सीय संस्थान एवं व्यक्ति सुरक्षा कानून 2011 में इपिडिमिक डिजीज (संशोधन) कानून 2020 के प्रावधानों को भी अविलंब अंतर्निहित किया जाय। ताकि चिकित्सा संस्थानों एवं चिकित्सकों के विरूद्ध हो रही हिंसा की घटना पर प्रभावी रोक लग सके।





