समस्तीपुर। अगर आंख में किसी प्रकार की परेशानी हैं तो सदर अस्पताल में इलाज कराने के लिए सोमवार का इंतजार करना होगा। सदर अस्पताल के ओपीडी में सप्ताह में केवल एक दिन सोमवार को ही नेत्र रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी लगी है। जिसके कारण नेत्र रोग से संबंधित मरीजों को काफी परेशानी होती है। नतीजतन सोमवार को छोड़कर अन्य दिन ओपीडी आने वाले मरीजों को बैरंग लौटना पड़ता है। वहीं मंगलवार को मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने का दिन निर्धारित है। अगर मोतियाबिंद का कोई मरीज आता है तो उसका ऑपरेशन मंगलवार को किया जाता है। लेकिन इन दिनों मोतियाबिंद के मरीजों के आने की संख्या में भी नगण्य होती जा रही है। इस संबंध में डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने कहा कि ओपीडी में एक ही दिन की ड्यूटी है। शुक्रवार की रात इमरजेंसी में है। वही गुरुवार को भी मेडिकल बोर्ड में ड्यूटी लगायी है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को परेशानी होने पर गुरुवार को भी दिखवा दिया जाता है।


उन्होंने कहा कि जिस डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति की गयी थी, वो बीमार हैं, जिसकी सूचना सीएस को दी गयी है। जिसके कारण समस्या हो रही है। सदर अस्पताल में मरीजों की समस्या को देखते हुए सीएस डॉ. एसके चौधरी ने पटोरी अस्पताल में कार्यरत नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति सदर अस्पताल में की। इसको लेकर सप्ताह में बुधवार एवं शुक्रवार का दिन भी निर्धारित किया गया। लेनिक एक महीने के बाद भी संबंधित चिकित्सक ने सदर अस्पताल में योगदान नहीं कर पाए हैं। जिसके कारण मरीजों की समस्या जस की तस है।


सदर अस्पताल में पूर्व से कार्यरत डॉ. पवन कुमार पिछले दो महीने से तमिलनाडु के मदुरै में आंख इलाज के विशेष प्रशिक्षण में गए हुए हैं। वहीं एक महीने का अतिरिक्त फेको विधि से ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिसके कारण मरीज को अक्टूबर तक सदर अस्पताल में मरीजों को परेशानी होती है। इसको लेकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले, विभिन्न प्रतियोगिता में शामिल होने एवं नामांकन में जाने वाले अभ्यर्थियों को भी परेशानी होती है। हालांकि ऐसे अभ्यर्थियों को नेत्र सहायक की मदद से विजन जांच करा लिया जाता है।







