समस्तीपुर। समस्तीपुर 112 पुलिस कंट्रोल रूम में कार्यरत महिला सिपाही अर्चना कुमारी के खुदकुशी मामले में यूडी केस नगर थाना में दर्ज किया गया है। 112 कंट्रोल रूम प्रभावित चंद्रशेखर आजाद के आवेदन पर पुलिस यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वही इस मामले में महिला सिपाही अर्चना कुमारी की मौत के बाद उसकी मां गया जिले के बजीरगंज थाना के पहिपुर बसुआ टोला निवासी बच्ची देवी ने नगर पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। जिसमें बेटी को प्रताड़ना करने का आरोप मेजर पर लगाया गया है।


इस मामले में नगर थानाध्यक्ष विक्रम आचार्या ने बताया कि ईआरवी प्रभारी चंद्रशेखर आजाद के आवेदन पर यूडी केस दर्ज किया गया है। साथ ही महिला सिपाही की मां के द्वारा दिए गए आवेदन की जांच के लिए स्पेशल इन्क्वायरी टीम बनायी गयी है। जिसकी जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जांच टीम के रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


बता दे की समस्तीपुर नगर थाना परिसर स्थित 112 पुलिस कंट्रोल में 13 सितंबर बुधवार की देर शाम महिला सिपाही अर्चना कुमारी ने पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने गेट तोड़कर उसे बाहर निकाला और सदर अस्पताल पहुंचाया जहां ऑन ड्यूटी चिकित्सके ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दे की महिला सिपाही अर्चना कुमारी के पति सुमन कुमार भी समस्तीपुर पुलिस बल में ही कांस्टेबल के रूप में कार्यरत हैं। यह गया जिला के रहने वाले हैं। कुछ महीनो से विभाग के द्वारा सुमन के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।


महिला सिपाही ने दो पेज का सुसाइड नोट भी लिखा जो एसपी के नाम से लिखा था। जिसमें मेजर पर सरकारी क्वार्टर के खाली करने को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही एक साजिश के तहत उसके पति को निलंबन करने की भी बात कही गई है। इसको लेकर वह कई वरीय पदाधिकारी से गुहार लगाने की बात भी लिखी है लेकिन उसकी बात अनसुनी कर देने का आरोप भी लगाया है। अब इस आवेदन के आधार पर एवं मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विनय तिवारी ने जांच के लिए एसआईटी का भी गठन कर दिया गया है। अब सभी की नजर एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी है।





