समस्तीपुर। समस्तीपुर में महिला सिपाही की खुदकुशी मामले की जांच राज्य महिला आयोग की टीम भी करेगी। इस मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष व उजियारपुर की पूर्व सांसद अश्वमेध देवी ने कहा कि मामला गंभीर है। समाचार पत्रों से घटना की जानकारी मिली है। आयोग भी इसमें संज्ञान लिया है। अगर महिला के परिजनों को पुलिस की जांच में न्याय नहीं मिलता है तो राज्य महिला आयोग स्वयं इस मामले की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सिपाही की खुदकुशी मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।


गया जिले के निवासी सुमन कुमार एवं अर्चना कुमारी की शादी वर्ष 2015 में हुई थी। सुमन कुमार ने बताया कि उनकी शादी एरेंज मैरेज हुई थी। इसके बाद दोनों ने बिहार पुलिस में सिपाही के परीक्षा दिया। फिर वर्ष 2018 बैच में दोनों सिपाही बन गए। सुमन ने बताया कि वह गोपालगंज जिले में कार्यरत थी। पिछले वर्ष नवंबर में पति-पत्नी के ग्राउंड पर अर्चना का तबादला समस्तीपुर में किया गया। जिसके बाद वह फिलहाल 112 कंट्रोल रुम में कार्यरत थी।


सुमन ने बताया कि उसे टाईगर मोबाइल में ताजपुर भेज दिया गया। इसके एवज में प्रत्येक महीने हजारों रुपए मूल्य का मिठाई देना पड़ रहा था। सुमन ने मेजर पर आरोप लगाते हुए मीडिया को बताया कि हर महीने तीन से चार हजार रुपए का मिठाई मांगते थे। ताजपुर के एक मिठाई दूकान से महंगे व अच्छे मिठाई देता था। जिसका बिल उसके द्वारा ऑन लाइन भुगतान किया जाता था। कभी गेस्ट के नाम पर तो कभी घर जाने के लिए मिठाई देना पड़ता था।


पत्नी अर्चना की मौत के बाद सुमन ने कहा कि बुधवार को मुख्यालय डीएसपी से मिलने गए थे। इस दौरान वह बच्चे के साथ बाहर था, जबकि उसकी पत्नी अर्चना मुख्यालय डीएसपी से मिलकर गुहार लगायी। तो बताया कि उसे क्वार्टर मामले में थोड़े ही सस्पेंड किया गया है, ताजपुर के किसी मामले में सस्पेंड किया गया। सुमन ने बताया कि एसपी साहब भी मेरी बात नहीं सुनें। एसपी बहुत ही अच्छे व्यक्ति हैं, लेकिन एक सिपाही की सच्चाई को नहीं पकड़ पाए। मैं कल्याणपुर में गार्ड में था और मुझे सस्पेंड कर दिया गया।





