समस्तीपुर। समस्तीपुर कोर्ट परिसर में गोलीबारी करने एवं शराब धंधेबाज प्रभात चौधरी सहित दो बंदियों को गोली मारकर जख्मी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में जहां कल्याणपुर से मुखिया पति राजद नेता रामबाबू राय, वैनी ओपी के अख्तियारपुर चंदौली के शूटर मो. ओवैस सहित हथियार धंधेबाज वैनी ओपी के रेपुरा के अमन कुमार उर्फ कारगिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त देशी पिस्टल व दो जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। कोर्ट परिसर में प्रेसवार्ता करते हुए एसपी विनय तिवारी ने कहा कि शराब के अवैध धंधे के बर्चस्व को लेकर इस घटना को अंजाम दिया गया है।


इस घटना को अंजाम देने के लिए झारखंड से दो शूटर बुलाए गए थे। इन शूटरों की पहचान कर ली गयी है। साथ ही शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी करने में जुटी है। इसके लिए 60 लाख की डील हुई थी। उन्होंने बताया कि कल्याणपुर में रघुवर राय हत्याकांड के बाद रामबाबू राय व प्रभात चौधरी में बर्चस्व को लेकर तानातानी चल रहा था। प्रभात चौधरी जेल में रहने के बावजूद अवैध धंधा चलाने का प्रयास कर रहा था। वहीं रामबाबू राय ने भी अवैध शराब धंधे का बड़ा नेटवर्क बना लिया था। शराब के अवैध धंधे में अपना वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए प्रभात चौधरी की हत्या करने की योजना बनायी गयी।


15 जुलाई को रामबाबू राय के घर पर छह सात लोगों की बैठक हुई थी। जिसमें गोलू को शूटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 60 रुपए में डील की गयी थी। इसके बाद 25 जुलाई से दस अगस्त के बीच गोलू ने मो. औवैस व टेनी के साथ घटना को अंजाम देने का तीन बार प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद गोलू ने विजय ड्राइवर की मदद से झारखंड से दो शूटर को बुलाया और 26 अगस्त को कोर्ट में गोलीबारी की। इस दौरान प्रभात चौधरी की जांघ में व उसके साथ दूसरे कैदी के हाथ में गोली लगी थी।


एसपी ने बताया कि कोर्ट गोलीबारी की घटना के बाद सदर डीएसपी व मुख्यालय डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। इनके नेतृत्व में नगर थानाध्यक्ष विक्रम आचार्या, कर्पूरीग्राम थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, पूसा थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी, डीआईयू प्रभारी मुकेश कुमार, दलसिंहसराय थानाध्यक्ष अनिल कुमार, मुसरीघरारी थानाध्यक्ष पंकज कुमार व ताजपुर थानाध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह व डीआईयू के अरविंद कुमार की भूमिका काफी सराहनीय रही। यह टीम चार दिनों तक लगातार छापेमारी करते हुए कांड में गिरफ्तारी सुनिश्चित की।





