समस्तीपुर। गन्ना के कीट-फफूंदी का नाश अब ड्रोन से होगा। इसकी तैयारी डॉ.राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विवि प्रशासन ने कर ली है। विवि के वैज्ञानिकों ने विवि के अपने कल्याणपुर स्थित प्रक्षेत्र में इसका ट्रायल कर गन्ना किसानों के लिए राह आसान बना दिया है। कुलपति डॉ. पीएस पाण्डेय, डीन डॉ. अम्बरीष कुमार, निदेशक डॉ. अनिल कुमार सिह आदि के मार्गदर्शन में विवि के ईख अनुसंधान संस्थान, पूसा के गन्ना वैज्ञानिक व मुख्य अन्वेषक डॉ. डीएन कामत, पौधा रोग अन्वेषक डॉ. मो. मिन्नातुल्लाह के मार्गदर्शन में गन्ने की फसल में कार्बेन्डाजिम, थिओफनेट मिथाइल एवं प्रोपीकोनाजोल फफूँदनाशक दवाओं के मिश्रण का छिड़काव कर एक मिशाल कायम किया गया। वैज्ञानिक के अनुसार इसे 15 दिनों बाद दुबाराया जायेगा।



इसे सफल बनाने में विवि के कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय के फार्म मशीनरी के वैज्ञानिक डॉ. पीके प्रणव व डॉ. संजय कुमार की अहम भूमिका रही। विवि के गन्ना वैज्ञानिक ने बताया कि ड्रोन से सभी फसलों में कम समय व गुणवत्ता के साथ छिड़काव की जा सकती है। लेकिन गन्ने के बड़े एवं सघन पौधों में छिड़काव करना किसानों के लिए बड़ी चुनौति होती है। एैसे में ड्रोन के सहयोग से कीटनाशक, फफूंदनाशको व तृणनाशक दवाओं का छिड़काव आसान व लाभकारी साबित होगा।




विवि की मानें तो देश में शायद पहली बार कृषि विवि में यह पायलट ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया। ड्रोन से गन्ना के फसलों में छिड़काव के सफल होने पर इसे अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जायेगा।





