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समस्तीपुर। स्वास्थ्य सेवा को बाधित करने वाली आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटर के विरुद्ध अब विभाग सख्ती से कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के ईडी ने ऐसे आशा कार्यकर्ताओं एवं फैसिलिटेटर के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का भी आदेश दिया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के ईडी के आदेश के आलोक में सीएस डॉ. एके चौधरी ने सभी अनुमंडलीय अस्पताल के डीएस एवं सभी पीएचसी, सीएचसी एवं रेफरल अस्पतालों के प्रभारी को कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

बतादें कि जिले में राज्यव्यापी आंदोलन के तहत 12 जुलाई से आशा कार्यकर्ताओं एवं फैसिलिटेटर का हड़ताल जारी है। इस दौरान कई प्रखंडों में नियमित टीकाकरण के अलावे इमरजेंसी, ओपीडी व प्रसव कार्य को भी बाधित किया गया है। जिसके कारण मरीजों एवं उसके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं स्वास्थ्य सेवा पर भी काफी प्रभाव पड़ रहा है। इसको देखते हुए अब कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

इस संबंध में सीएस डॉ. एसके चौधरी ने भी पत्र जारी करते हुए सभी डीएस व प्रभारी को कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। जारी पत्र में कहा गया है कि जिन आशा कार्यकर्ता एवं आशा फैसिलिटेटर के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के नियमित कार्यों में हस्तक्षेप व तालाबंदी कर कार्य को बाधित किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में उन आशा कार्यकर्ताओं एवं फैसिलिटेटरों को चिंहित करने का आदेश दिया है।

साथ ही चिन्हित किए गए आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराते हुए त्वरित कार्यालय को सूचित करें। साथ ही किसी भी परिस्थिति में कोई कार्य बाधित ना हो सके, इसके लिए दमनकारी शक्तियों का प्रयोग भी किया जा सकता है। बता दें कि 9 सूत्री मांगों के समर्थन में 12 जुलाई से राज्य भर की आशा कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं इस कड़ी में समस्तीपुर जिले में भी आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा हड़ताल किया गया है।

आशा कार्यकर्ताओं के हड़ताल के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था भी चरमरा सी गई है। खासकर प्रखंड में प्रसव कार्य एवं टीकाकरण कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा ओपीडी व इमरजेंसी सेवा को भी बाधित किया जा रहा है। जिसके कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

हालांकि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा महासंघ के जिला मंत्री राजीव रंजन एवं गोपगुट महासंघ के जिला मंत्री अजय कुमार ने कहा कि हड़ताल संवैधानिक तरीके से होना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में स्वास्थ्य सेवा को प्रभावित नहीं होना चाहिए। इससे मरीजों को परेशानी होती है, इमरजेंसी सेवा एवं ओपीडी सेवा बाधित करने से आम लोग काफी परेशान होते हैं।

उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि अपनी मांगों के समर्थन में संवैधानिक तरीके से हड़ताल में आंदोलन करें। किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने का प्रयास ना करें। इधर आशा कार्यकर्ता संघ सीटू की जिला मंत्री सुनीता प्रसाद ने कहा है कि सरकार की किसी भी तरह की धमकी एवं चेतावनी से आंदोलनकारी आशा कार्यकर्ता डरने वाली नहीं है। वह अपनी मांगों को लेकर संवैधानिक तरीके से हड़ताल पर जुटी हुई है।






