समस्तीपुर। शिक्षा विभाग की ओर से डेंगू एवं फाइलेरिया विषय पर आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय ने कहा कि डेंगू एवं फाइलेरिया के संबंध में जानकारी प्राप्त कर ही इसकी रोकथाम की जा सकती है। आगामी 10 से 13 अगस्त तक जिले के सभी विद्यालयों में दोपहर के भोजन के उपरांत सभी को फाइलेरिया से संबंधित दवाईयां खिलायी जानी है।

उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर विभिन्न विषयों पर पूर्व में भी तीन कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है। आगे भी इस प्रकार की कार्यशालाएं पाक्षिक रुप से बुधवार को आयोजित करने की योजना है। प्रत्येक कार्यशाला के बाद इसकी चर्चा विद्यालय में बच्चों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच करने की सलाह भी डीइओ ने प्रतिभागियों को दी।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए हुए अपर समाहर्ता अजय कुमार तिवारी ने कहा कि किसी भी बीमारी की रोकथाम उसके इलाज से ज्यादा महत्वपूर्ण है। रोकथाम संबंधी जागरुकता से ही किसी भी संक्रामक बीमारी का उन्मूलन संभव है। मुख्य वक्ता के रुप में बोलते हुए डब्ल्यू एच ओ के नेगलेक्टेड ट्रापिकल डिजीज की जोनल कार्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजू ने कार्यशाला के विषय पर विस्तार से चर्चा की।

पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन्होंने डेंगू, कालाजार, फाइलेरिया सहित अन्य कई संक्रामक बीमारियों के कारण बचाव एवं निवारण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मादा एडिस मच्छर के कारण डेंगू, मादा क्यूलेक्स मच्छर के कारण फलेरिया एवं बालू मक्खी के कारण कालाजार की बीमारी फैलती है।

उन्होंने कहा कि लक्षण न दिखने वाले लोगों में भी कई बार फाइलेरिया अथवा माइक्रो फाइलेरिया का संक्रमण मौजूद होता है। रात्रि के समय लिए गए ब्लड सैंपल से ही इसकी सटीक जाँच हो पाती है। जिला मलेरिया समन्वयक डॉ विजय कुमार ने आगामी 10 अगस्त से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए प्रारंभ हो रहे विशेष अभियान के क्रियान्वयन पर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि उम्र एवं लंबाई का ध्यान रखते हुए इस अभियान के तहत एल्बेंडाजोल, डाई इथाईल कार्बामेजिन एवं आइवरमेक्टिन सहित कुल तीन तरह की दवाइयाँ सभी व्यक्तियों को खिलायी जानी है। इसमें इस बात का विशेष ख्याल रखा जाना है कि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जानी है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान मानवेंद्र राय ने बताया कि सामूहिक रूप से दवा खिलाये जाने के दौरान नजदीक के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड रेस्पॉन्स टीम तथा विशेष एम्बुलेंस सेवा मुस्तैदी से कार्य करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि हाथी पाँव अथवा हाइड्रोसील की बीमारी के संभावित खतरे से बचाव हेतु यह दवाई सभी के लिए अनिवार्य है।

इस कार्यशाला में प्रधानाध्यापक ब्रजदेव बली वर्मा, सुनील कुमार, सौरभ कुमार, आमोद कुमार, देवेंद्र चौधरी, डाॅ संजय प्रसाद, मीरा कुमारी, सतीश कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, शिक्षक महेश प्रसाद यादव, मनीष चन्द्र प्रसाद, ऋतुराज जायसवाल,गगन कुमार, विकास कुमार गुप्ता, वैद्यनाथ रजक, अनिल कुमार पाण्डेय, अनिल कुमार प्रभाकर, शिक्षिका सुरैया परवीन,माला साहु, प्रीति कुमारी, डाॅ बेबी कुमारी, डाॅ रागिनी कुमारी, सुनीता कुमारी, कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालयों की वार्डन सहित विभिन्न प्रखंडों के लगभग एक सौ पचास शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित थे।





