हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े
समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले में सरकारी अस्पतालों में संचालित 102 एंबुलेंस सेवा बुधवार की रात 12:00 बजे से ठप हो गई। एंबुलेंस कर्मियों ने बुधवार की रात 12:00 बजे से हड़ताल पर चले गए। जिसके कारण सरकारी अस्पतालों में एंबुलेंस सेवा पूरी तरह से ठप हो गई। एंबुलेंस सेवा ठप होने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सी गई है।

खासकर गंभीर मरीजों एवं प्रसूताओं को अस्पताल तक पहुंचाने में परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मी रात से ही सदर अस्पताल में धरना पर बैठे हुए हैं।

एंबुलेंस कर्मियों ने बताया कि पिछले 3 महीने से वेतन नहीं दिया गया है। वही 11 महीने की काटी गई पीएफ की राशि भी खाते में नहीं जमा की गई है। जिसके कारण एंबुलेंस कर्मियों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा वेतन भुगतान सहित 6 सूत्री मांगों के समर्थन में यह आंदोलन किया जा रहा है। कर्मियों ने बताया कि एंबुलेंस का संचालन कर रहे एजेंसी का टेंडर खत्म होने के बाद दूसरे एजेंसी को दिया गया है। जिसके द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया।

इस संबंध में सिविल सर्जन, डीएम सहित अन्य अधिकारियों को दो-दो बार मांग पत्र सौंपा गया था। इसके बावजूद मांग पत्र पर विचार नहीं होने के कारण 13 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दिया गया है।

इधर सरकारी अस्पतालों में एंबुलेंस सेवा के हड़ताल हो जाने से मरीजों की परेशानी काफी बढ़ गई है। सदर अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूताओं को घर जाने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। वही अस्पताल तक पहुंचने के लिए गंभीर मरीजों को भी निजी वाहनों की मदद से परिजन लेकर जा रहे हैं जिसके कारण उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

कर्मचारियों ने बताया कि 3 महीने का बकाया वेतन भुगतान करने, पीएफ की कटौती राशि जमा करने, नवनियुक्त एंबुलेंस कर्मियों को नियुक्ति पत्र देने, एंबुलेंस कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी करने सहित अन्य मांग शामिल है।






