यहां क्लीक कर व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े
समस्तीपुर। आलीशान मकान बनाने एवं ऐसोअराम की जिंदगी जीने के लिए अपराधियों का तैयार गैंग एक के बाद एक बैंक लूट की घटना को अंजाम दे रहा था। वहीं लूट की राशि से बना रहे लगातार निर्माण करा रहे मकान के कारण सभी अपराधियों की पहचान हुई और तीनों बैंक लूटकांड का खुलासा हो पाया। एसपी विनय तिवारी ने कहा कि लूटकांड में शामिल अपराधियों को उद्देश्य था कि हम लोगों का घर आलीशन हो, इसके लिए इन लोगों का टारगेट था कि एक-एक करोड़ का हिस्सा हो। इसके लिए बैंक तथा बड़ा ज्वेलरी दुकानों को लूटने की योजना बना रहे थे।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के बताए गए ठिकानों पर छापेमारी करते हुए लूट की राशि बरामद की गयी। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार ताजपुर थाना क्षेत्र के कस्बे आहार के मो. कमर के पुत्र मो. जावेद उर्फ नियाज, कल्याणपुर थाना के वासुदेवपुर निवासी महेश प्रसाद के पुत्र सुधांशु कुमार उर्फ विक्की उर्फ राकेश, खानपुर जिला के कानुविशनपुर निवासी रामदेव प्रसाद के पुत्र रामबाबू उर्फ सुजीत एवं ताजपुर थाना के दरगाह निवासी नेसार उर्फ फूलो के पुत्र मो. दानिश उर्फ वाहिद ने बताया कि यह लोग पहले बाइक व व्यापारियों से लूटपाट करते थे। जिससे बड़ी राशि नहीं मिल पाता था। इसी क्रम में इन लोगों की दोस्ती कुख्यात अपराधी अहमद रजा उर्फ पल्सर, इकरामुल दौलतपुर, बंगरा के बबलू, पूसा के लकी, धरमपुर का सद्दाम व कस्बे आहार का अरमान से हुई।

कस्बे आहार के नियाज और अरमदान ने गैंग बनाया तथा इनलोगों के द्वारा इकरामुल के घर पर बैंक लूट की योजना बनायी गयी। बबलू एवं इकरामुल से हथियार खरीदी गयी और पूसा के लकी के द्वारा मोबाइल का सिम कार्ड उपलब्ध कराया गया। साथ ही लूटी गयी बाइक का भी उपयोग लूट की घटना में किया गया।

एसपी ने बताया सीसीटीवी फुटेज से अपराधियों की तस्वीर को सोशल मीडिया पर डाली गयी। जिसके बाद समस्तीपुर के युवाओं की टोली ने पुलिस को मदद की और अपराधियों की पहचान की गयी।

एसपी ने बताया कि इन अपराधियों के द्वारा मकान बनाया जा रहा था। लेकिन इसके आय को स्त्रोत नहीं था। जिसके कारण ग्रामीणों की भी नजर थी। ऐसी सूचना मिलने पर पुलिस की जांच पड़ताल में गिरोह का परत दर परत खुलने लगा।





