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समस्तीपुर। समस्तीपुर सदर अस्पताल में पहली बार आठ वर्षीय बच्चे का ऑपरेशन कर हाइड्रोसिल के एक टेस्टिस (गोली) का सफल प्रत्यारोपण किया गया। मरीज के परिजनों की शिकायत पर सर्जन डॉ. सुमित कुमार के द्वारा दो घंटे के सफल ऑपरेशन में हाइड्रोसिल के गोली का प्रत्यारोपण किया गया। ऑपरेशन के बाद जहां डॉक्टरों ने राहत की सांस ली। वहीं मरीज की स्थिति भी अब सामान्य है। परिजन भी काफी खुश होकर डॉक्टरों की टीम को दुआ दे रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार हसनपुर प्रखंड के बड़गांव निवासी कारी यादव के आठ वर्षीय पुत्र के हाइड्रोसिल में दाहिने भाग का एक गोली गायब था। जिसको लेकर परिजन काफी परेशान थे। वह कई जगह इलाज कराकर थक चुके थे। बाद में परिजन बच्चे को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जहां ओपीडी में सर्जन डॉ. सुमित कुमार ने बच्चे की जांच पड़ताल की। इस दौरान अल्ट्रासाउंड में पाया गया कि बच्चे का हाइड्रोसिल का टेस्टिस पेट के नीचले भाग में फंसा हुआ है। जिसके बाद शनिवार को ऑपरेशन कर इसे खिसकाकर सामान्य स्थान पर प्रत्यारोपण किया गया।

सर्जन डॉ. सुमित कुमार ने बताया अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में पाया गया कि टेस्टिस पेट के नीचले हिस्से में डीप इन ग्वाइनल रिंग में फंसा हुआ है। गर्भ में पल रहे बच्चे का टेस्टिस विकसित होकर डीप इन ग्वाइनल रिंग में ही फंस गया था। जिसके कारण वह सामान्य जगह पर नहीं जा सका। ऑपरेशन सफलता पूर्वक संपन्न किया गया है। अब किसी भी तरह की परेशानी नहीं है।

ऑपरेशन की टीम में सर्जन डॉ. सुमित कुमार के अलावे ग्यानकोलोजिस्ट डॉ. राजेश कुमार यादव, मूर्च्छक रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश कुमार आदि थे। डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में पहली बार टेस्टिस का प्रत्यारोपण किया गया है। यह एक बड़ी सफलता है।







