चेन्नई में चाकू से हमला कर शिवाजीनगर के मजदूर की हत्या, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर के शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत जाखर धरमपुर पंचायत के धरमपुर गांव के वार्ड 6 निवासी एक मजदूर की चेन्नई में चाकू से वार कर हत्या कर दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना बुधवार 16 सितंबर को परिजनों को मिली। मृतक की पहचान धरमपुर गांव निवासी राजेश महतो के करीब 26 वर्षीय पुत्र गुलशन कुमार के रूप में हुई है। गुलशन चेन्नई में रहकर मजदूरी करते थे और अपनी कमाई से पत्नी व दो छोटे बच्चों समेत पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थे।

कम उम्र में परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाले गुलशन की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के अनुसार, चेन्नई में कुछ लोगों के बीच विवाद हो रहा था। गुलशन ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को समझाकर विवाद शांत कराया था। बताया गया कि विवाद में दरभंगा जिले का भी एक युवक शामिल था। समझौता कराने के बाद गुलशन वहां से निकल गए और किसी काम से बाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कथित रूप से पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उन्हें निशाना बनाया और चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई।

हालांकि, घटना के वास्तविक कारण और हत्या में शामिल लोगों की जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों ने गुलशन की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। घटना की जानकारी मिलते ही चेन्नई में रह रहे गुलशन के अन्य परिजन और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद वहीं अंतिम संस्कार किए जाने की बात परिजनों ने बताई है। घटना की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार और आसपास के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।

पत्नी, माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गुलशन के पीछे पत्नी चंदा देवी और दो छोटे पुत्र हर्षित कुमार एवं हर्ष कुमार हैं। दोनों बच्चे अभी बहुत छोटे हैं। इनमें एक बच्चा अभी मां की गोद में ही रहता है। परिजनों का कहना है कि गुलशन की मजदूरी से ही घर का खर्च चलता था। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, भोजन और अन्य जरूरतों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी। अब उनकी असमय मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पत्नी और बच्चों के भविष्य को लेकर परिजन चिंतित हैं। परिजन बार-बार यही कह रहे हैं कि अब परिवार का भरण-पोषण कौन करेगा और मासूम बच्चों का सहारा कौन बनेगा।

परिजनों ने सरकार से आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की मांग की है, ताकि मृतक के परिवार को आगे जीवन-यापन में परेशानी नहीं हो और दोनों छोटे बच्चों का पालन-पोषण हो सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मामले की जानकारी लेकर पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद रोसड़ा विधायक बीरेंद्र कुमार, एनटीपीसी के स्वतंत्र निदेशक सुशील चौधरी, बीस सूत्री अध्यक्ष संतोष कुमार बबली, पूर्वी मंडल अध्यक्ष ललित झा एवं पंचायत समिति सदस्य शंभू बैठा सहित अन्य लोग मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर सांत्वना दी।

जनप्रतिनिधियों ने शोकाकुल परिवार को ढांढ़स बंधाते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों के अनुसार गुलशन छोटी उम्र से ही मेहनत-मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाते थे। बेहतर भविष्य और परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए वह चेन्नई में मजदूरी कर रहे थे। उनकी असमय मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। ग्रामीण गुलशन को मेहनती और मिलनसार युवक के रूप में याद कर रहे हैं। परिवार की स्थिति देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

*स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत स्वच्छता ही सेवा-2026 कार्यक्रम का शुभारंभ – Doorbeen News*

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