1974 की रेल हड़ताल ने श्रमिक अधिकारों को दी नई दिशा : ECRKU

व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें

 

Samastipur News: ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ECRKU) ने 8 मई 1974 की ऐतिहासिक रेल हड़ताल को भारतीय श्रमिक आंदोलन का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि इस आंदोलन ने रेल कर्मचारियों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को नई दिशा प्रदान की।
गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में ECRKU के मंडल मंत्री मनोज कुमार ने कहा कि वर्ष 1974 में ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) के नेतृत्व में हुई रेल हड़ताल विश्व की सबसे बड़ी औद्योगिक हड़तालों में से एक थी। लाखों रेल कर्मचारियों ने अपने अधिकारों और बेहतर सेवा शर्तों के लिए संघर्ष किया था।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार द्वारा दमनात्मक कार्रवाई, गिरफ्तारी और सेवा से निष्कासन जैसी कठोर कार्रवाइयों के बावजूद कर्मचारियों का मनोबल नहीं टूटा। कर्मचारियों की एकजुटता और संघर्ष के कारण आने वाले वर्षों में रेलवे कर्मियों को वेतन, भत्तों, बोनस, कार्य परिस्थितियों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुए।

मनोज कुमार ने कहा कि 1974 का यह आंदोलन केवल रेल कर्मचारियों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह पूरे देश के श्रमिक आंदोलन के लिए प्रेरणा स्रोत बना। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी कर्मचारियों को अपने अधिकारों और संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इतिहास यह सिखाता है कि संगठित संघर्ष से ही श्रमिकों को न्याय और सम्मान प्राप्त होता है।

ECRKU ने 1974 की ऐतिहासिक हड़ताल में भाग लेने वाले सभी संघर्षशील रेल कर्मचारियों एवं श्रमिक नेताओं को श्रद्धापूर्वक नमन किया और नई पीढ़ी से उनके संघर्ष एवं त्याग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

*विमेंस कॉलेज समस्तीपुर में सीबीसीएस इंटर्नशिप कार्यक्रम संपन्न – Doorbeen News*

विमेंस कॉलेज समस्तीपुर में सीबीसीएस इंटर्नशिप कार्यक्रम संपन्न

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *