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New Delhi: भारतीय रेलवे अगस्त 2026 से 40 साल पुरानी यात्री आरक्षण प्रणाली (Passenger Reservation System-PRS) को अत्याधुनिक अपग्रेडेड सिस्टम पर शिफ्ट करने जा रही है। इस दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं।
रेल भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में रेल मंत्री ने अधिकारियों के साथ नई प्रणाली की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में रेल राज्य मंत्री V. Somanna और Ravneet Singh Bittu भी मौजूद रहे।


भारतीय रेलवे की मौजूदा आरक्षण प्रणाली वर्ष 1986 में शुरू हुई थी। पिछले चार दशकों में इसमें कई छोटे बदलाव किए गए, लेकिन अब रेलवे इसे पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस कर रहा है। नई प्रणाली में अधिक क्षमता, तेज प्रोसेसिंग और बेहतर यात्री सुविधाओं पर जोर दिया गया है।
रेलवे ने बताया कि वर्ष 2002 में इंटरनेट टिकटिंग शुरू होने के बाद ऑनलाइन टिकट बुकिंग तेजी से बढ़ी। वर्तमान में लगभग 88 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक हो रहे हैं। इसी बीच रेलवे का मोबाइल ऐप RailOne यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है। जुलाई 2025 में लॉन्च हुए इस ऐप को अब तक 3.5 करोड़ से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं।


रेलवन ऐप में आरक्षित, अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग, रद्दीकरण, रिफंड, ट्रेन की लाइव स्थिति, प्लेटफॉर्म जानकारी, कोच पोजिशन और रेल मदद जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐप अब एआई तकनीक के जरिए वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना भी बताता है। रेलवे के अनुसार इसकी सटीकता 53 प्रतिशत से बढ़कर 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
रेलवे के मुताबिक, प्रतिदिन इस ऐप के जरिए करीब 9.29 लाख टिकट बुक हो रहे हैं, जिनमें 7.2 लाख अनारक्षित और 2.09 लाख आरक्षित टिकट शामिल हैं।
भारतीय रेलवे ने 2024-25 में यात्रियों को टिकट पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। रेलवे के अनुसार यह प्रत्येक यात्री को औसतन 43 प्रतिशत की छूट के बराबर है।


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