प्रत्येक छात्र का करियर सफर में अनोखा होता है, सही मार्गदर्शन जरूरी : डीपीओ एसएसए जमालुद्दीन

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प्रत्येक छात्र का करियर सफर में अनोखा होता है, सही मार्गदर्शन जरूरी : डीपीओ एसएसए जमालुद्दीन

Doorbeen News Desk: समस्तीपुर: शहर के तिरहुत एकेडमी सभागार में गुरुवार को बिहार शिक्षा परियोजना के तत्वावधान में कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के बिभूतिपुर, बिथान, दलसिंहसराय, हसनपुर, कल्याणपुर, खानपुर व मोहनपुर प्रखंड के सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के नामित नोडल शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन डीपीओ एसएसए जमालुद्दीन ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र का करियर का सफर अलग और अनोखा होता है, इसलिए उन्हें उनकी रुचि, क्षमता और योग्यता के अनुरूप मार्गदर्शन देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को विद्यार्थियों के भविष्य की सही योजना बनाने में सहयोग करेगा। करियर मार्गदर्शन और परामर्श एक ऐसी प्रक्रिया है जो छात्रों को उनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक पसंद के बारे में सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद करती है।

इसके माध्यम से छात्रों को अपनी रुचियों, कौशलों और मूल्यों की पहचान करने तथा विभिन्न करियर विकल्पों को समझने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर एपीओ सुजीत कुमार ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही छात्रों के प्रारंभिक शैक्षणिक एवं व्यावसायिक मार्गदर्शक होते हैं और उनके सही मार्गदर्शन से छात्र अपने भविष्य के निर्माण की दिशा तय कर सकते हैं।

प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य स्टेट मास्टर ट्रेनर शिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल विषय ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को उनके जीवन और करियर के प्रति जागरूक बनाना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि शिक्षकों को छात्रों की रुचि, क्षमता और व्यक्तित्व को समझते हुए उन्हें उचित करियर विकल्पों से परिचित कराना चाहिए। साथ ही विद्यालय स्तर पर कैरियर गाइडेंस गतिविधियों, संवाद सत्र, व्यक्तिगत परामर्श तथा अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर छात्रों को सही दिशा देने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक समय-समय पर छात्रों से संवाद करें, उनके सपनों और लक्ष्यों को समझें तथा उन्हें उपलब्ध अवसरों की जानकारी दें, तो छात्र भ्रम और दबाव से मुक्त होकर अपने भविष्य का बेहतर निर्णय ले सकते हैं।
वहीं शिक्षक गौतम बिहारी ने कहा कि विद्यार्थियों की खूबियों और कमियों को पहचानना शिक्षकों को उनके लिए उपयुक्त योजना और रणनीति तैयार करने में मदद करता है। शिक्षक इस अवसर का उपयोग छात्रों से सरल और बुनियादी प्रश्न पूछने तथा उनके साथ व्यक्तिगत संवाद स्थापित करने के लिए कर सकते हैं। अधिवक्ता प्रकाश कुमार ने कहा कि माता-पिता, सहपाठियों और समाज के बढ़ते दबाव के कारण कई बार छात्र बिना उचित सलाह और विचार-विमर्श के गलत करियर निर्णय ले लेते हैं। ऐसे में शिक्षक आवश्यकता पड़ने पर छात्रों को विशेषज्ञ करियर काउंसलर से भी जोड़ सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान सभी शिक्षकों को कैरियर गाइडेंस प्रोगाम का पोस्टर बैनर दिया गया । कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका पूजा कुमारी, शिक्षक मंगलेश कुमार, राहुल कुमार, सहायक प्रेम कुमार व विशाल सहित जिले के दर्जनों नोडल शिक्षकों ने सराहनीय भूमिका निभाई।

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