बिहार की बेटियों के सम्मान में समस्तीपुर में उमड़ा जनसैलाब, महिला विरोधी बयान के खिलाफ पुतला दहन

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बिहार की बेटियों के सम्मान में समस्तीपुर में उमड़ा जनसैलाब, महिला विरोधी बयान के खिलाफ जोरदार पुतला दहन

Doorbeen News Desk: उत्तराखंड सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री के पति द्वारा बिहार की बेटियों को “बिकाऊ” कहे जाने जैसे आपत्तिजनक, निंदनीय और महिला विरोधी बयान के खिलाफ समस्तीपुर जिला मुख्यालय पर शनिवार को व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला। विकासशील इंसान पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष कुणाल कुमार के नेतृत्व में पुतला दहन एवं विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह विरोध कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित समाज के हर वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए और एक स्वर में महिला विरोधी बयान की कड़ी निंदा की।

आयोजन एवं नेतृत्व व विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व विकासशील इंसान पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष कुणाल कुमार ने किया। कार्यक्रम में मंतोष जी, निकीर जी, गोविंद जी, बरहुना पंचायत के बाने मुखिया लाल बाबू जी, पवन जी, अनिल ज्ञानी जी, डॉ. विजय, अंगद, गुल्लू जी, माधव जी, निशांत जी, सुमित जी, गौतम जी, गुलशन जी, सत्यम जी, राजीश जी, वीरेंद्र जी, अशोक राय, संजीव राय, जितेंद्र राय, गुल्लू राय, राकेश जी, मनी जी, विवेक जी, मनोज जी सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। वहीं महिला सहभागिता में पवन अनिता देवी, सर्ता देवी, मोनी कुमारी, सुनेना देवी सहित सैकड़ों महिलाएं शामिल रहीं।

सभा को संबोधित करते हुए कुणाल कुमार ने कहा कि “बिहार की बेटियों को ‘बिकाऊ’ कहना सिर्फ बिहार ही नहीं, पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। यह बयान घृणित और सामंती मानसिकता को दर्शाता है, जिसे समाज किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि “जिस व्यक्ति का संबंध महिला सशक्तिकरण जैसे संवेदनशील मंत्रालय से हो, उसके परिवार द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। समस्तीपुर की जनता ने आज स्पष्ट संदेश दे दिया है कि महिलाओं के सम्मान पर कोई समझौता नहीं होगा।”

शांतिपूर्ण एवं प्रशासनिक अनुमति: प्रदर्शन से पूर्व जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर को विधिवत सूचना दी गई थी। प्रशासनिक सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रही।

सामाजिक संदेश व चेतावनी : इस जनआंदोलन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बिहार की बेटियां सम्मान, स्वाभिमान और समान अधिकार की प्रतीक हैं।
कुणाल कुमार ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित व्यक्ति सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता है, तो आने वाले समय में और भी व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन किए जाएंगे।

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