विशेष मुहिम चला कर लोकोस एप्प में डाटा इंट्री कर रही है जीविका दीदियां, लोकोस एप्प के माध्यम से मिलेगा वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता

दूरबीन न्यूज़ डेस्क। विशेष मुहिम चला कर लोकोस एप्प में डाटा इंट्री कर रही है जीविका दीदियां, लोकोस एप्प के माध्यम से मिलेगा वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता। दरभंगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में स्वयं सहायता समूहों (SHG) के वित्तीय रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में लाने के लिए “लोकोस” मोबाइल एप्प का विकास किया गया है। इस एप्प के जरिए दरभंगा जिले के ग्रामीण महिलाएं न केवल अपने समूहों के हिसाब-किताब को डिजिटल फॉर्मेट में अपडेट कर रही हैं,बल्कि उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है जिससे उनका आत्मविश्वास और तकनीकी ज्ञान भी बढ़ रहा है।


लोकोस एप्प की शुरुआत: एक क्रांतिकारी पहल*
लोकोस, जिसका मतलब है “आम लोगों का ऑपरेटिंग सिस्टम”, ग्रामीण महिलाओं के वित्तीय प्रबंधन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस एप्प के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की दीदियाँ अब अपने वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों को डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड कर रही हैं। दरभंगा के किरतपुर प्रखंड की जीविका दीदियों ने इस एप्प को बड़े उत्साह के साथ अपनाया है और विशेष मुहिम बना कर शतप्रतिशत समूह और सदस्यों की एप्प में इंट्री करने की कवायद तेज कर दी है।


प्रखंड परियोजना प्रबंधक कृष्णदेव ठाकुर ने इस पहल के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा लोकोस का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत की महिलाओं के समूहों में बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता लाना है। साथ ही ग्राम संगठनों (VO) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के कार्यों को और अधिक सुचारू बनाना है।” इसलिए किरतपुर प्रखंड में जीविका दीदियों के द्वारा इस कार्य को विशेष प्राथमिकता देकर कार्य किया जा रहा है। लोकोस एप्प का उपयोग करने के लिए समूह की महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत महिलाएं एप्प के माध्यम से अपने समूहों और सदस्यों की प्रोफाइल इंट्री कर रही हैं। यह प्रशिक्षण महिलाओं को न केवल डिजिटल कार्यों में कुशल बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ा रहा है।


गौरतलब है कि दरभंगा जिले में अब तक इस एप्प में 25 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह और 03 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। इन सभी ने अपनी प्रोफाइल सफलतापूर्वक ऑनलाइन दर्ज कर दी है। जीविका दरभंगा का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत समूहों और सदस्यों को इस प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड कर लिया जाए*। इसके लिए *युद्धस्तर*पर काम जारी है। संचार प्रबंधक राजा सागर ने इस एप्प के फायदों को रेखांकित करते हुए कहा, “लोकोस के माध्यम से समूहों का कार्य अब पूरी तरह से डिजिटल,पेपरलेस और पारदर्शी हो सकेगा।


इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक सदस्य केवल एक ही समूह से जुड़ पाए, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो जाएगी। साथ ही, समूह की सभी गतिविधियों का अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) डिजिटल रूप से किया जा सकेगा।” यह एप्प न केवल वित्तीय प्रबंधन को आसान और पारदर्शी बना रहा है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल इंडिया के तहत आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी मदद कर रहा है। दरभंगा की जीविका दीदियों की यह पहल पूरे राज्य और देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है, जो डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक है।

दरभंगा जिले की जीविका दीदियों की यह डिजिटल पहल ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो न केवल उनके वर्तमान जीवन को बेहतर बना रही है, बल्कि भविष्य के लिए एक सशक्त और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण भी कर रही है।

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