समस्तीपुर में STEM शिक्षा के लिए गणित एवं विज्ञान शिक्षकों का जिलास्तरीय प्रशिक्षण

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दूरबीन न्यूज डेस्क। समस्तीपुर में STEM शिक्षा के लिए गणित एवं विज्ञान शिक्षकों का जिलास्तरीय प्रशिक्षण। भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे द्वारा STEM के तकनीकों एवं नवीनतम शैक्षणिक उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थियों में

गणित एवं विज्ञान की अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से राज्य के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों को आईआरआईएसई (Inspiring India In Research Innovation In STEM Education) कार्यक्रम अंतर्गत 450 शिक्षको को 03 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

इसी क्रम में  समस्तीपुर के आरएसबी इंटर स्कूल काशीपुर में  जिले के 20 ब्लॉक से 59 शिक्षकों का प्रशिक्षण 27-29 मई  की अवधि में संचालित किया गया। इस तीन दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण का विधिवत उद्‌घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ( माशि) सह प्रभारी डीईओ नरेन्द्र कुमार सिंह,

IRISE टीम के राज्य समन्यवक मो तकी, बिहार मैथटिकल सोसायटी के जिला संयोजक निलय कुमार,  प्रभारी प्राचार्य अवधेश कुमार, जिला प्रशिक्षक एवं इनोवेशन चैंपियन मनीष चन्द्र प्रसाद, सुरेश कुमार, उर्मिला कुमारी, विकास कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलित किया।

कार्यक्रम के राज्य समन्यवक की मो तकी ने नवाचार एवं शिक्षण विधियों की महत्ता पर प्रकाश डाला। बिहार मैथमेटिकल सोसायटी के जिला संयोजक निलय कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्‌देश्य है कि गणित एवं विज्ञान के प्रति बच्चों में ललक पैदा हो।

जिला प्रशिक्षक एवं इनोवेशन चैंपियन मनीष चन्द्र प्रसाद ने प्रशिक्षु शिक्षकों को बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य कक्षा नवमी एवं दशमी के बच्चों में रचनात्मकता और नवीन सोच की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान और सामाजिक अनुप्रयोगों में निहित एक मिलियन मूल विचारों या नवाचारों को लक्षित करना है।

 बच्चों को उनके आस -पास के परिवेश से जोड़कर दैनिक जीवन की घटनाओं का उदाहरण देकर विज्ञान और गणित की शिक्षा देने की बात कही गई है। पूछताछ और गतिविधि- आधारित तथा विज्ञान एवं गणित को अन्तर्विषयक (Interdisciplinary) बना कर  बच्चों तक कैसे पहुँचाया जा सके इसकी चर्चा की गई है l

प्रशिक्षक सुरेश कुमार, श्रीमती प्रमिला, विकास कुमार गुप्ता ने विभिन्न शिक्षण विधियों पर प्रकाश डाला ताकि अधिगम ठोस और स्थाई हो सके। शिक्षण के सरल एवं सहज विधियों को अपनाकर शिक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है।

एक विवाह ऐसा भी जब दो बच्चों की मां को देवर के साथ करनी पड़ी शादी, मौजूद थे परिजन।

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