लोक स्वातंत्र्य संगठन की समस्तीपुर जिला इकाई के तत्वावधान में मनायी गयी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 127वीं जयंती

यहां क्लीक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े

समस्तीपुर। लोक स्वातंत्र्य संगठन की समस्तीपुर जिला इकाई के तत्वावधान में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 127वीं जयंती के मौके पर संगठन के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता शिवचन्द्र प्रसाद राजगृहार और पूर्व महासचिव अधिवक्ता डॉ परमानन्द लाभ के संयुक्त सभापतित्व में समता सदन, ताजपुर रोड में एक संगोष्ठी सम्पन्न हुई। संगोष्ठी का विषय था  ‘नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और स्वाधीनता आंदोलन में उनकी भूमिका’। मुख्य अतिथि के रुप में वरिष्ठ साहित्यकार शिवेंद्र कुमार पाण्डेय थे, जबकि विशिष्ट अतिथि राजेश्वर ठाकुर थे।

कार्यक्रम का आरंभ वरिष्ठ गीतकार डॉ रामसूरत प्रियदर्शी की सरस्वती वंदना से हुआ। आगत अतिथियों का स्वागत पीयूसीएल के महासचिव अशोक कुमार वर्मा ने किया। विषय प्रवेश गांधी स्मारक समिति के सचिव विनय कृष्ण ने कराया और धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता संघ के सचिव समदर्शी राजगृहार ने किया। मौके पर समारोह के अध्यक्ष डॉ परमानन्द लाभ ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि आने वाली पीढ़ी को पढ़ाया जाय कि देश को सुभाष चन्द्र बोस ने आजाद कराया।

आगे उन्होंने कहा कि आजाद भारत की नेहरु सरकार ने नेताजी के साथ अन्याय करते हुए उनके संगठन एएनआइ पर प्रतिबंध लगा दिया तथा आदेश जारी कर नेताजी की फोटो को लगाने, चिपकाने व दिखाने की मनाही बांम्बे सेना मुख्यालय को कर दिया। मुख्य अतिथि शिवेंद्र कुमार पाण्डेय ने सुभाष बाबू के नक्शे कदम पर चलने का आह्वान किया, वहीं विशिष्ट अतिथि राजेश्वर ठाकुर ने सुभाष जयंती को पराक्रम दिवस के रुप में मनाने के लिए देशवासियों को साधुवाद दिया।संचालन गजलकार प्रवीण कुमार चुन्नू ने किया।


मौके पर वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी और जननायक कर्पूरी ठाकुर के अभिन्न शिवचन्द्र प्रसाद राजगृहार को अंगवस्त्र, पाग-माला देकर शहीदे आजम सरदार भगत सिंह की उपाधि से प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। अन्य सभी वक्ताओं को भी स्वाधीनता आंदोलन के विभिन्न वीर सेनानियों के नाम के सम्मान से सम्मानित किया गया। विचार व्यक्त करने वाले में प्रमुख थे विष्णु केडिया, उदयशंकर चौधरी नादान, मणिशंकर सिन्हा, अर्जुन प्रसाद सिंह, उदयशंकर सिंह, शैलेन्द्र कर्ण, धीरेन्द्र कुमार कर्ण, प्रवीण कुमार सिन्हा, रामसजीवन पाण्डेय, सुमित कुमार, मिथिलेश कुमार आदि थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *