उजियारपुर में रेलवे ट्रैक पारकर स्टेशन से पानी ढोती हैं महिलाएं, कभी भी हो सकता बड़ा हादसा, नल जल ठप होने से पानी को तरस रहे लोगो की है समस्या

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समस्तीपुर। बिहार सरकार एक तरफ जहां हर घर नल का जल पहुंचाने का दावा कर रही है। वहीं समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र में पिछले एक महीने से ग्रामीण पानी को तरस रहे हैं। विभागीय लापरवाही कहे या अधिकारियों की उदासीनता। कारण जो भी हो। स्थानीय ग्रामीण जिंदगी को खतरे में डालकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी को जनता की तकलीफ से शायद कोई मतलब नहीं, तभी तो उजियारपुर प्रखंड के रायपुर की जनता तीन-तीन रेलवे ट्रैक पार कर स्टेशन से पानी लाकर पीने को मजबूर है। शिकायत के बावजूद भी अधिकारियों की कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। तब घर की महिलाएं दहलीज लांघ कर प्रखंड कार्यालय पर पहुंच हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बावजूद पानी के बदले फिर से कोरा आश्वासन देकर उन्हें वापस कर दिया गया।

समस्तीपुर जिले उजियारपुर प्रखंड के रायपुर वार्ड दो में विगत एक महीने से नल का जल ठप है।  इससे आक्रोशित महिलाएं प्रखंड कार्यालय पहुंच गयी। फिर महिलाओं ने बीडीओ से मिलकर उनको पानी के लिए होने वाली कठिनायों से रूबरू कराया गया। बीडीओ ने महिलाओं की समस्याओं को सुनने के बाद उन्हें आश्वासन देकर भेज दिया गया। फिर महिलाएं बीपीआरओ कार्यालय पहुंची। लेकिन बीपीआरओ कार्यालय में नही थे, जिसके कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पायी। इधर उधर दौड़ लगाकर तक चुकी महिलाएं  आक्रोशित हो गयी। इसके बाद महिलाओं ने अधिकारियों के खिलाफ गुस्से का इजहार किया। महिलाओं ने कहा सब अधिकारी एक दूसरे पर जवाबदेही बताकर बात को टाल रहे हैं।

महिलाओं ने बताया कि लगभग एक महीने से नल का जल ठप है। इससे पीने का पानी की बड़ी समस्या आ गयी है। पीने की पानी लाने के लिए जान खतरे में डाल कर तीन रेलवे ट्रैक पार कर उजियारपुर रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है। स्टेशन से पीने का पानी लाते हैं। इस दौरान कभी कभी उनके बच्चे भी पीछे-पीछे रेलवे ट्रैक पर चले जाते हैं, जिससे ट्रेन से हादसा होने की आशंका बनी रहती है। अधिकारी को कई बार कहा गया है, लेकिन कोई उनकी समस्याओं को सुनने को भी तैयार नही हैं। इस बाबत बीडीओ डॉ. बीएन सिंह ने बताया कि मामले में वरीय पदाधिकारी को पत्राचार किया जा रहा है। जल्द ही परेशानी दूर की जाएगी। जनता की शिकायत को सुना गया है।

इधर, पीएचईडी विभाग की जेई गणिता कुमारी ने बताया कि पहले 100 केवीए का समरशेबल में मोटर लगा हुआ था। वह जल गया है। जिसके चलते तत्काल छोटा 7 केवी के मोटर से जल की आपूर्ति की जा रही है। जिससे कुछ लोगों के यहां पानी नही पहुंच पाता है। जल्द ही अधिक हॉर्स पावर वाला मोटर लगाकर परेशानी दूर की जाएगी। मौके पर अनिता देवी, पूनम देवी, हीरा देवी, मेघनी देवी, विभा देवी, रंजु देवी व शीला देवी सहित दर्जनों महिलाएं व बच्चे मौजूद रहे।

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