समस्तीपुर में गंगा नदी में लापता तीन युवक का तीसरे दिन भी नहीं चला पता, गांव नही जल रहा चूल्हा, दाह संस्कार में शामिल होने के दौरान हुई थी घटना

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समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड के सरारी में गंगा में डूबने वाले तीन युवकों का तीसरे दिन भी कोई पता नहीं चला। जिसके कारण इन युवकों के गांव में मातम पसरा हुआ है। वही तीन दिनों से इनके घरों में चूल्हा भी नही जल पाया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि लापता युवक का पता लगाने के लिए एसडीआरएफ की टीम ने मंगलवार को भी दिनभर तीनो युवकों की तलाश की। युवकों की नदी में तलाशी के समय ग्रामीणों की भीड़ भी जुटी रही। वहीं पटोरी एसडीओ व मोहनपुर सीओ भी जायजा लेने के लिए गंगा किनारे पहुंचे। लेकिन घटना के तीसरे दिन बुधवार को भी इन युवाओं का कोई पता नही चल सका।

विदित हो कि सोमवार को मोरवा प्रखंड के मरीचा गांव के तीन युवक स्नान के क्रम में गंगा में डूबने के बाद लापता हो गय थे। उनके साथ डूबने वाले दो युवकों को ग्रामीणों ने बचा लिया था। सभी युवक गांव के ही एक बुजुर्ग के निधन पर दाह संस्कार में गये थे। युवकों के डूबने के बाद से ही लगातार खोज की रही है। सोमवार को एसडीआरएफ के पहुंचने के पूर्व ग्रामीणों ने भी अपने स्तर से काफी खोज की थी। शाम में पहुंची एसडीआएफ की टीम ने खोज शुरू की थी। रात आठ बजे खोज का कार्य बंद कर दिया था।

फिर मंगलवार को सुबह आठ बजे पुन खोज का काम शुरू किया गया। लेकिन दिनभर की मशक्कत के बाद भी युवकों का पता नहीं चला। युवकों की खोज के लिए एसडीआरएफ की नावें पूरब में निर्माणाधीन बख्तियार-ताजपुर फोरलेन पुल के पास तक गयी, उन्हें सफलता नहीं मिली। मंगलवार को एसडीओ निशिकांत व सीओ विकास सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर तलाशी कार्य की जानकारी ली। परिजनों के आग्रह पर उन्होंने गोताखोरों को बुलाने के लिए पहल की है। अब बुधवार से फिर से प्रयास किया जा रहा है।

इधर, मोरवा प्रखंड के मरीचा गांव में गंगा में डूबने वाले तीनों युवकों के घर में दो दिनों से चूल्हा नहीं चला है। परिजनों के चीत्कार से पूरा गांव गूंज रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, लापता युवकों में शामिल विनोद कुमार ठाकुर का पुत्र बीस वर्षीय गुड्डू कुमार घर का एकमात्र चिराग है। उसके लापता होने के बाद पिता विनोद कुमार ठाकुर और मां रेखा देवी बार बार बेहोश हो जा रही है। वहीं लापता विकास कुमार के पिता शंकर दास एवं मां बबीता देवी का भी रो-रो कर बुरा हाल है। रोजी रोटी के लिए परदेस में राज मिस्त्री का काम करने वाले सुरेंद्र दास की पत्नी अपने छोटे पुत्र सन्नी कुमार के लापता होने के बाद से रोते रोते बेदम है।

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