समस्तीपुर। एक तरफ बिहार सरकार के मुख्य सचिव जहां अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मियों से शिष्टाचार से बात करने व व्यवहार करने का पत्र जारी करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके कतिपय अधिकारी इस पत्र की अवहेलना करते हैं। साथ ही अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार व अमर्यादित भाषा का भी प्रयोग करने से बाज नहीं आते हैं। यह मामला धीरे-धीरे जिले में तूल पकड़ता जा रहा है। अपने अधिकारी के अमर्यादित भाषा के प्रयोग किए जाने से पंचायत सचिव काफी नाराज है। साथ ही इसको लेकर जिलाधिकारी से शिकायत करने का भी मन बना लिए हैं। रविवार को पंचायत सचिव की जिला स्तरीय बैठक में यह मुद्दा जोरों से छाया रहा। समस्तीपुर शहर के महासंघ स्थल पर रविवार को बिहार राज्य पंचायत सेवक संघ के जिला शाखा की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कौशलेंद्र कुमार मिश्र ने की।


इस दौरान बैठक को संबोधित करते हुए जिला मंत्री चेत नारायण यादव ने कहा कि पंचायत सेवकों के सामने कई चुनौतियां हैं। इसके बावजूद अधिकारी अपने अधिनस्थ कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि कई बीडीओ एवं बीपीआरओ की भाषा अमर्यादित होती है। अभ्रद भाषा का प्रयोग करते हैं। जबकि मुख्य सचिव ने कई बार व्यवहार को बेहतर करने का निर्देश जारी किया है। इसके बावजूद प्रखंडों में मुख्य सचिव के पत्र को कोई पालन नहीं किया जाता है।


जिला मंत्री ने कहा कि विभाग के द्वारा बीडीओ के जगह डीपीआरओ को निकासी एवं व्ययन अधिकारी बना दिया गया है। जिसके कारण सचिवों को जून से ही वेतन भुगताल लंबित है। नए पंचायत सचिव अपने घर से तीन सौ किमी की दूरी पर कार्य रहे हैं। उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कई पंचायत सचिवों को एसीपी का लाभ नहीं मिला है। महासंघ के मुख्य संरक्षक लक्ष्मीकांत झा ने कहा कि विभाग ने अब पंचायत सचिवों को वंशावली बनाने का आदेश दिया है। लेकिन इसके लिए कोई गाइड लाइन जारी नहीं किया गया है आखिर किस आधार पर बनाया जाएगा।


लक्ष्मीकांत झा ने कहा कि नव नियुक्त पंचायत सचिवों को अब तक वेतन भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावे अन्य समस्याओं को लेकर शीघ्र ही डीएम से शिष्टमंडल मिलकर अपनी बातों को रखेंगे। साथ ही 15 सितंबर को महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा एवं महांत्री सुबेश सिंह का आगमन समस्तीपुर में होने वाला है। इसकी तैयारियों की भी समीक्षा की गयी। मौके पर जिला मंत्री राजीव रंजन, रतन कुमार, आलोक कुमार, सीताराम राय, कैलाश बैठा, विनोद कुंवर, अरविंद कुमार झा, प्रमोद कुमार, धर्मवीर कुमार, अजीत कुमार पासवान, राज कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार, रामचंद्र पाल, मो. इमरान अली आदि थे।





