समस्तीपुर। शिक्षा विभाग की ओर से जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन समाहरणालय के सभागार में किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने छह प्रधानाध्यापक एवं दो प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित कुल 53 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा की विद्या पहले स्थान पर आती है, बाकी सभी चीजें उसके बाद ही स्थान ले सकती हैं। शिक्षक ही अपने बच्चों को उनके वजूद का एहसास कराता है। मानव मात्र के कल्याण के लिए शिक्षक की मौजूदगी ही काफी है।



उन्होंने कहा कि शिक्षकों का एक प्रयास न जाने कितने परिवार, कितने समाज, कितने इतिहास एवं कितने भूगोल का सृजन कर सकता है। शिक्षा देना एक दुरूह कार्य है एवं शिक्षकों का कार्य सदा ही अतुलनीय रहेगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन हमारे लिए सदा आदर्श रहा है। शिक्षा जीने की कला सिखाती है इसे आगे ले जाने का कार्य शिक्षकों का है। विद्यालयों में हमें औपचारिक के साथ साथ अनौपचारिक शिक्षा पर भी बल देना चाहिए ताकि बच्चों का अधिकाधिक क्षमतावर्धन हो सके। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से अपेक्षा होगी कि वे सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुस्तकों को पढ़ें एवं उनके आचरण को जीवन में उतारें।



कार्यक्रम को उत्क्रमित मध्य विद्यालय लगुनियाँ सूर्यकण्ठ के प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार, मध्य विद्यालय दलसिंहसराय की प्रधानाध्यापिका कुमारी विभा, केंद्रीय विद्यालय समस्तीपुर के प्राचार्य श्रीपति राम एवं जवाहर नवोदय विद्यालय समस्तीपुर के प्राचार्य ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम का संचालन उत्क्रमित मध्य विद्यालय लाट बसेपुरा के प्रधानाध्यापक अनंत कुमार राय ने, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान मानवेंद्र कुमार राय ने किया।





