व्यक्तियों की तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस के अवसर पर बचपन बचाओ आंदोलन और आरपीएफ के ओर से सीतामढ़ी जंक्शन पर चलाया गया जन जागरूकता अभियान

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सीतामढी। व्यक्तियों की तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस के अवसर पर बचपन बचाओ आंदोलन ( बी.बी.ए )और रेलवे सुरक्षा बल (आर.पी.एफ)के ओर से सीतामढ़ी जंक्शन पर आरपीएफ प्रभारी अनिता कुमारी के निर्देशन एवं बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक प्रोजेक्ट ऑफिसर मुकुंद कुमार चौधरी के अगुवाई में रविवार को बाल तस्करी के खिलाफ सघन जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान अभियान में शामिल लोगों द्वारा बाल तस्करी के रोकथाम हेतू सामूहिक रुप से जन जन को जागरूक करने का संकल्प कैंडल जलाकर लिया गया ताकी बाल तस्करी मुक्त सीतामढ़ी जिला की परिकल्पना साकार हो सके।

जागरुक करते हुऐ यात्रियों को बताया गया की बाल तस्करी की रोकथाम के लिए सभी को जागरूक रहने की आवश्यकता है। बाल तस्करी से संबंधित सूचना प्राप्त होने पर बचपन बचाओ आंदोलन के टोल फ्री हेल्पलाइन 1800 102 7222 पर दे जिससे की बच्चों को बचाया जा सके। अभियान में किड्स सेक्रेड वैली स्कूल राजोपट्टी के निदेशक रॉविन कुमार एवं विद्यालय के छात्रों ने भी लोगों को बाल तस्करी के रोकथाम को लेकर जागरूक किया।

अभियान में आरपीएफ के एएसआई टी एस बहादुर, एएसआई कृपा नारायण सिंह यादव, कांस्टेबल प्रमोद कुमार, समाजसेवी शिव शंकर ठाकुर, आरपीएफ कांस्टेबल विशेश्वर पासवान, अवधेश कुमार झा, विजय कुमार आदि शमिल थे।अच्छे काम दिलाने का झांसा देकर जाल में गरीब परिवार के बच्चों को तस्कर फसाते है बीते वर्ष सीतामढ़ी पुलिस के द्वारा बचपन बचाओ आंदोलन के सहयोग से तीन नाबालिक बच्चो को मुक्त करवाया गया।

इन बच्चों को झांसा देकर अच्छे काम दिलाने के नाम पर तस्कर द्वारा सोनवर्षा एवं बेला थाना क्षेत्र से तस्करी पंजाब के आलू प्लांट में की गई थी। पंजाब जानें पर बच्चो को बाल बंधुआ श्रमिक के रूप में कार्य करवाया जा रहा था बच्चे को घर वापस नहीं आने दिया जा रहा था मामले की जानकारी मिलने पर बच्चे के परिवार के साथ सीतामढ़ी पुलिस एवं बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने पंजाब पहुचे जिसके उपरांत बच्चें को विमुक्त करवाया गया।

हाल के दिनों में सीतामढी जिला के बेरगनिया एसएसबी चेक पोस्ट के रास्ते से गलत कार्य के उद्देश्य से शादी का झांसा देकर नेपाल से राजस्थान तस्करी कर ले जाए जा रहे एक नाबालिक बालिका को एसएसबी एवं बचपन बचाओ आंदोलन के संयुक्त पहल से मुक्त करवाया गया है साथ ही नेपाल के तस्कर सहित तीन लोगों को जिला पुलीस के द्वारा गिरफ्तार किया गया।

जिसमें शादी का झांसा देकर तस्करी करने वाला युवक पहले से शादी शुदा और चार बच्चें का पिता था। इससे यह इनकार नहीं किया जा सकता है की मानव तस्करी का एक सक्रिय गिरोह गरीब परिवार के नाबालिक लड़कियों को बिचौलियों के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्र में शादी का झांसा देकर गलत कार्य के उद्देश्य से तस्करी करने के लिए अपने जाल में फसाते है। हालांकि इसपर अंकुश लगाने के लिए सीतामढ़ी जिला में पुलीस, एसएसबी, बचपन बचाओ आंदोलन एवं अन्य संस्था सक्रिय रुप से कार्य कर रही हैं।

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