समस्तीपुर। समस्तीपुर जिला सहित बिहार के 14 जिलों में स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा 10 अगस्त 2023 से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत 02 वर्ष से छोटे बच्चों, गर्भवती महिला, धात्री महिला एवं गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों को छोड़कर शेष सभी लोगों को दवा खिलायी जाएगी।

इस बार फाइलेरिया बीमारी के विरुद्ध लड़ने हेतु क्षमता विकसित करने एवं फाइलेरिया से बचाव के लिए तीन प्रकार की दवा घर-घर पहुंचाई जाएगी, जिसमें डी.ई.सी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की टेबलेट दी जाएगी।

इस संबंध में सहयोगी संस्था पीसीआई के जिला प्रोग्राम मैनेजर श्री मारुति नंदन के द्वारा बताया गया कि फाईलेरिया (हाथी पांव) बीमारी से बचाव के लिए साल में एक बार आशा कार्यकर्ता के द्वारा घर घर जाकर सभी लोगो को फाइलेरिया के दवा का सेवन करवाया जायेगा।

क्योंकि क्यूलैक्स मादा मच्छर फाइलेरिया से संक्रमित एक व्यक्ति को काटने के उपरांत अन्य दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को काट ले तो उसे भी फलेरिया (हाथीपांव) हो जाता है। इसलिए सुरक्षा चक्र बनाए रखने के लिए सबको यह दवा लेना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि एक बार फाईलेरिया हो जाने पर उससे छुटकारा नहीं पाया जा सकता है, फाइलेरिया बीमारी से ग्रसित व्यक्ति का अंग एक बोझ की तरह हो जाता है वह घर के अंदर ही रहने लगता है।

बाहर की दुनिया से उसका संपर्क धीरे-धीरे कट जाता है, और ये स्थिति काफी दुःखद होता है। इसलिए साल में एक बार फाइलेरिया के दावा का सेवन सभी लोगों के लिए आवश्यक है।

बता दें कि समस्तीपुर जिले में भी इस अभियान की सफलता को लेकर के चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम, बीएचएम, सहित अन्य कर्मियों को भी प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें यह बताया गया कि 10 अगस्त से शुरू होने वाले अभियान में कैसे लोगों को दवा देनी है, ताकि अभियान सफलतापूर्वक हो सके।






