मुजफ्फरपुर। एक मुकदमे में आये फैसले के आलोक में सिविल सर्जन डॉ उमेशचंद्र शर्मा ने सदर अस्पताल व क्षेत्रीय उपनिदेशक कार्यालय (स्वास्थ्य) में फर्जी तरीके से बहाल 70 कर्मियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इसमें से 59 सदर अस्पताल व 11 उप निदेशक कार्यालय में प्रतिनियुक्त थे।

निदेशक प्रमुख ने इसका आदेश पूर्व में ही दिया था, जिसपर शनिवार को आदेश जारी किया गया। फर्जी रूप से बहाल कर्मियों के रिटायर होने की स्थिति में उनकी पेंशन भी तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया गया है। सीएस ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी को पेंशन बंद की कार्रवाई का आदेश दिया है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

सीएस ने जिन कर्मियों को फर्जी बहाली के आधार पर बर्खास्त किया है, उनमें लिपिक सुरेंद्र कुमार, रघुनाथ शर्मा, रामनरेश सिंह, कृष्ण कुमार, विनोद कुमार चौबे व ब्रजभूषण कुमार शामिल हैं। इनके अलावा बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ता जय वीर प्रसाद यादव, देव नारायण यादव,

दिनेश नंदन चौधरी, ब्रह्मदेव यादव, विनोद कुमार सिंह, सहदेव प्रसाद यादव, नागेंद्र प्रसाद सिंह, लाल बाबू प्रसाद यादव, सत्यदेव सिंह, मुक्तिनाथ प्रसाद, हरिशचंद्र प्रसाद, सचिंद्र कुमार पटेल के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा अनुसेवी अरविंद ठाकुर, राम प्रवेश शर्मा, प्रेम चंद्र ओझा, अरुण कुमार ओझा, एफबीडबल्यू चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह, कीट संग्रहकर्ता वंशीधर झा, स्वास्थ्य कार्यकर्ता हरिश चंद्र प्रसाद,

परिधापक विजय कुमार, संगणक मिथिलेश कुमार व कांति प्रसाद यादव, अशोक कुमार ओझा, परिधापक महेश कुमार, विजय कुमार, मिश्रक संजय कुमार, अनुसेवी अरुण कुमार ओझा, लक्ष्मी नारायण सिंह, अनुसेवी अमरेश कुमार, अरुण कुमार सिन्हा, टीकाकार रतन कुमार शर्मा बर्खास्त किए गए हैं।

निदेशक प्रमुख के आदेश के आलोक में बर्खास्त किए गए कर्मियों की पेंशन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। इन कर्मियों को जुलाई माह से पेंशन नहीं मिलेगी। इसके लिए सदर अस्पताल व इसके सभी इकाई के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी को आदेश दे दिया गया है।

इसके अलावा सिविल सर्जन ने इस कार्रवाई की सूचना डीएम प्रणव कुमार व स्वास्थ्य निदेशक को दी है और बताया है कि पूर्व में जारी आदेश का अनुपालन कर दिया गया है। सौ. एचएच।





