समस्तीपुर। समस्तीपुर शहर के मोहनपुर रोड स्थित निजी अस्पताल में शनिवार को इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो जाने के बाद आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगो को समझा कर मामले को शांत कराया। जिसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। मृतक सरायरंजन थाना के अखितयारपुर निवासी विमला देवी बतायी गयी है।

आक्रोशित परिजनों ने बताया कि सरायरंजन थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर निवासी विमला देवी का जांघ टूटा हुआ था। अस्पताल के चिकित्सक से सलाह के बाद विमला देवी के टूटे जांघ में स्टील रॉड लगाने के लिए भर्ती किया गया। मरीज को खून चढ़ाने की बात कही गयी। हॉस्पिटल प्रबंधन के द्वारा परिजनों से खून लेने की बात को नकारते हुए बताया गया कि मरीज को खून चढ़ाने की व्यवस्था हॉस्पिटल प्रबंधन कर लेगी।

वहीं, परिजनों के अनुसार खून चढ़ाने के दौरान महिला की तबीयत काफी बिगड़ रही थी। जिसकी शिकायत परिजनों ने चिकित्सकों से की, बावजूद इसके महिला को खून चढ़ाना जारी रहा। इसी दौरान तबीयत काफी बिगड़ जाने के कारण महिला की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया।

परिजनों का आरोप था कि गलत खून से चढ़ाने के कारण महिला की मौत हुई है। मामले की सूचना उपरांत पहुंची मुफ्फसिल पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत करवाया।

इस संबंध में डॉ डीके शर्मा ने बताया कि इलाज में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नही हुई है। मरीज आईसीयू में भर्ती था। किडनी की भी समस्या थी। जांच कर ब्लड चढ़ाया गया। इसी दौरान मरीज की स्थिति बिगड़ी तो ब्लड चढ़ाना बन्द कर दिया गया। काफी प्रयास के बाद भी मरीज की मौत हो गयी।

वही मुफ्फसिल थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घटना की सूचना के बाद मौके पर पुलिस बल को भेजा गया था। एसआई भरत प्रसाद यादव के द्वारा आक्रोशित परिजनों एवं हॉस्पिटल प्रबंधन से बात कर हंगामे को शांत करवाया गया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिजनों के द्वारा कोई आवेदन नहीं दिया गया है।

परिजनों को समझाकर शांत करवाया गया। फिर परिजनों ने डॉक्टर से भी बात किया और शव को लेकर चले गए।
इधर, हंगामा के कारण अस्पताल के समान लोगों की काफी भीड़ जमा हो गयी थी। जिसके कारण कुछ देर ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई।






