समस्तीपुर। आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आहवाहन पर मुख्य और लोकल मांगो को लेकर संयुक्त क्रू लॉबी समस्तीपुर के समक्ष सहायक सचिव सुभाष पासवान की अध्यक्षता में लोको पायलट ने धरना दिया। मुख्य मांगों में एसपैड में सेवा बर्खास्तगी बंद करने,
एसपैड काला कानून को वापस लेने, एसोसिएशन के के लंबित 28 मांगों पर कार्रवाई करने सहित अन्य मांग शामिल है।

वक्ताओं ने कहा कि एसपैड में चालक के सिग्नल पास ऐट डेंजर (एसपीएडी) रेड सिग्नल पार कर जाने पर रेलवे की सेवाओं से तत्काल बर्खास्त कर दिया जाता है। अलरसा संगठन ने ईसीआर मुख्यालय हाजीपुर सहित सभी रेल मंडलों में इस नियम को हटाने और संशोधन करने के लिये विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

ऑल इंडिया रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन के जोनल सेक्रेटरी ने आह्वान किया है कि एसपैड के खिलाफ आवाज उठाकर इसमें संशोधन जरूरी है। क्योंकि एसपीएडी के मामले में पूरे इंडियन रेलवे में केवल जांच रिपोर्ट, जो मात्र एक फैक्ट फाइंडिंग इंक्वायरी है।

आरोपित चालकों को एस-5 नोटिस देकर उसे बचाव व तर्क देने के बिन्दुओं को भी अमान्य कर दिया जाता है। उसे बिना अपने बचाव का मौका देने के बजाए रिमूव फ्रॉम सर्विस कर दिया जाता है, जबकि एसपीएडी की घटना के कई कारण होते हैं। कई उच्च न्यायालयों सहित सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने निर्णयों में यह माना है कि केवल फैक्ट फाइंडिंग इंक्वायरी रिपोर्ट के आधार पर किसी आरोपित को दंडित नहीं किया जा सकता है।

पिछले दो वर्षों से चल रही मनमानी रेलवे बोर्ड ने भी अपने कई पत्रों में एसपीएडी के मामलों में रिमूव फ्रॉम सर्विस नहीं लिखा गया है।पूमरे जोन के सभी मंडलों में 6 जुलाई को रेलवे के इस नियम के विरोध में ब्लैक-डे मनाया गया। इस नियम को हिटलरशाही की तरह उपयोग में लाया जा रहा है। यह मुद्दा सभी रेलवे के रनिंग कर्मचारियों के भविष्य के साथ जुड़ा हुआ है। सब कुछ ठीक-ठाक होते हुए चालक को लाल सिग्नल से पहले ट्रेन रोकने की मजबूरी है। भले ही उसके ब्रेक काम न करे अथवा कोई अन्य कारण हो।

ऐसा तब किया जा रहा है, जब सभी चालक स्वयं ही सिग्नल पासिंग एट डेंजर(एसपीएडी) के मामलों में स्वयं को जागरूक कर संरक्षा को प्रभावित नहीं होने देना चाहते हैं।
डिविजन में कर्मचारी सुविधा और रनिंग रूम की व्यवस्था इतना खराब है कि रनिंग ठेकेदार पर कार्यवाही करने की जगह कुव्यवस्था की शिकायत लिखने वालो को टारगेट कर दंडित किया जा रहा है। 5 अप्रैल 2023 को एसोसियेशन द्वारा दिए गए 28 सूत्री विभिन्न मांगो और संरक्षा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का प्रशासन द्वारा समुचित निदान नहीं देने पर कर्मचारियो में निराशा और आक्रोश व्याप्त है।

धरना में संदीप कुमार, लक्ष्मण कुमार, सुशील कुमार, प्रमोद कापर, अभिषेक कुमार, रजनीकांत कुमार, रजनीश कुमार, सुनील कुमार, पवन कुमार पप्पू, शंभू राम, अशोक कुमार सिंह, सूरज कुमार, सचिन कुमार शर्मा, विनय कुमार दास, विक्रम कुमार वर्मा, सुरेश कुमार, सुरेश राय, राजकिशोर राय, मनमोहन कुमार शर्मा, सदन कुमार, शशि कुमार गुप्ता, राकेश कुमार, राजकुमार, शिव कुमार बैठा, सलोनी कुमारी सहित अन्य उपस्थित रहे।





