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समस्तीपुर। प्रचंड गर्मी का कहर लगातार जारी है। शुक्रवार को दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से 5.5 डिग्री अधिक है। शनिवार की सुबह होते ही तापमान 33 डिग्री पर पहुच गया। बीते 20 वर्षो में यह चौथा मौका है जब आज के दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। इससे पूर्व वर्ष 2015 में 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। जबकि वर्ष 2012 में 40.3 एवं 2009 में 41 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक अधिकतर जिलों में हीट बेव बना रहेगा। उसके बाद उत्तर पश्चिम बिहार के जिलों के अनेक स्थानों पर तेज हवा के साथ वर्षा हो सकती है।

समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा जिलों के एक-दो स्थानों पर भी पड़ सकता है। डॉ.राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विवि के मौसम विभाग ने शुक्रवार को 14 जून तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। जिसके अनुसार इस अवधि में उत्तर बिहार के जिलों में हल्के बादल रह सकते हैं। विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ.ए.सत्तार ने बताया कि इस अवधि में अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री एवं न्यूनतम 24 से 27 डिग्री के आसपास रह सकती है।

● मध्यम अवधि के धान के किस्मो को बीजस्थली में गिराने का उपयुक्त समय है। इसके लिए संतोष, सीता, सरोज, राजश्री प्रभात राजेन्द्र सुवासनी, राजेन्द्र कस्तुरी, राजेन्द्र भगवती, कामिनी, सुगंधा किस्में अनुशंसित है।

● सिंचाई की सुविधा हो तो लम्बी अवधि वाले धान लगा सकते हैं। इसके लिए राजश्री, राजेन्द्र मंसुरी, राजेन्द्र स्वेता, किषोरी, स्वर्णा, स्वर्णा सब-1 वीपीटी-5204 एवं सत्यम आदि किस्में जल्द से जल्द बीजस्थली में गिराने का प्रयास करें। जितने क्षेत्र में धान का रोप करना हो उसके दशांश हिस्सों में बीज गिरायें। बीज को गिराने से पहले 1.5 ग्राम बविस्टीन प्रति किग्रा बीज की दर से उपचारित करना लाभकारी होगा।

● गरमा सब्जियों में भिन्डी, नेनुआ, करैला, लौकी (कद्दू) और खीरा की फसल में आवश्यकतानुसार सिंचाई एवं निकाई-गुड़ाई करें।
● भिंडी एवं बोरा जैसे फल वाली सब्जियों में भी नेत्रजन का उपरिवेषन करें एवं कीट नियंत्रण के लिए मैलाथियान 2 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर 7-10 दिनों के अन्तराल पर फल तोड़ने के बाद दो बार छिड़काव करें।

● अल्प अवधि वाले धान की किस्म एवं सुगंधित धान का किस्म का बिचड़ा बीजस्थली में 20 जून से 10 जुलाई तक बोने के लिए अनुशंसित है। सुगंधित किस्मों का बिचड़ा बीजस्थली में पहले से गिराने से उसकी सुगंध खत्म हो जाती हैं।





