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सीतामढ़ी। समस्तीपुर रेल मंडल के सीतामढ़ी स्टेशन पर मानव तस्करी के खिलाफ एवं बचपन बचाओ आंदोलन के तहत रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा में मंगलवार को सीतामढ़ी जंक्शन परिसर में जन – जागरूकता अभियान चलाया गया। आरपीएफ पोस्ट कमांडर अनीता कुमारी के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत मानव तस्करी जैसे घृणित अपराध व मानव तस्करी के रूप के बारे में यात्रियों को जागरूक कर सम्बंधित सूचना के लिए बचाव के उपाय को विस्तृत रूप से बताया गया।

इस दौरान बाल बंधुआ मजदूरी, यौन शोषण, देहव्यापार, जबरन मजदूरी, जबरन शादी, घरेलू बेगार करवाना, गोद देना, भीख मंगवाना, अंगों का प्रत्यारोपण करवाना, मादक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान भिजवाने के लिये महिलाओं तथा बच्चों की मानव तस्करी संगठित अपराध है और मानवाधिकार के हनन का सबसे घृणित नमूना है।

ट्रैफिकिंग से बच्चों की सुरक्षा रेलवे सुरक्षा बल एवं बचपन बचाओ अंदोलन की प्राथमिकता है एवं जनजागरूकता फैलाने का यह प्रयास काफी सराहनीय है। आभियान के दौरान यात्रियों को बाल तस्करी से संबन्धित सुचना के लिए बचपन बचाओ आंदोलन के टोल फ्री नंबर 1800 102 7222 एवं रेलवे हेल्पलाइन 139 की जानकारी देने की अपील की गयी।

विदित हो कि रेलवे सुरक्षा बल और बचपन बचाओ आंदोलन बाल तस्करी के खिलाफ लड़ाई की दिशा में एकजुट होकर समझोता ज्ञापन ( एमओयू) के माध्यम से कार्य कर रहा हैं। जिसके तहत देशभर में 1,600 से ज्यादा बच्चों को ट्रैफिकर्स के चंगुल से बचा चुके हैं।

साथ ही 337 ट्रैफिकर्स को गिरफ्तार भी किया गया है। दरअसल, भारतीय रेलवे नेटवर्क देश में परिवहन का सबसे बड़ा साधन है। रेलवे की क्षमता को ट्रैफिकर्स ने अपने घृणित व्यापार को करने का माध्यम बना लिया है। सस्ता, सुलभ और पहचान छिपाने में आसानी होने के कारण ट्रैफिकर्स हर साल हजारों बच्चों व महिलाओं की ट्रैफिकिंग के लिए रेलवे का सहारा लेते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि संभवत: यह दुनिया में रेलवे द्वारा ट्रैफिकिंग के खिलाफ किया जा रहा सबसे बड़ा ऑपरेशन है। बचपन बचाओ आंदोलन ट्रैफिकर्स की कमर तोड़ने के लिए आरपीएफ के साथ काम पूरी तरह से प्रतिबद्ध के साथ कर रही है।

आभियान में आरपीएफ के एएसआई कृपा नारायण सिंह, बचपन बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधि मुकुंद कुमार चौधरी, मंगल सिंह, बाल विकास धारा के प्रतिनिधि शिवम कुमार, चाइल्ड लाइन के मंतोष कुमार, हेड कांस्टेबल जागेश्वर राम, राम कुमार सिंह, जीआरपी के डीपीसी अरुण कुमार, अशोक सिंह आदि शामिल थे।






