समस्तीपुर। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 यथा संशोधित 2021 तथा बिहार किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) नियमावली 2017 यथा संशोधित 2022 के बेहतर क्रियान्वयन के लिए बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन डीएसपी मुख्यालय अमित कुमार, बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक पूजा कुमारी, श्रम अधीक्षक नेहा आर्य, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य डॉ गौरी शंकर झा ने किया। कार्यशाला में उक्त विषय के मद्देनजर जिला में देखरेख एवं संरक्षण के जरूरतमंद बालकों तथा विधि विरुद्ध बालकों के क्षेत्र में कार्यरत सभी हितधारकों के लिए प्रशिक्षण दिया गया। समस्तीपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में विशेष किशोर पुलिस इकाई व बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में बच्चों की देखरेख व रखरखाव, विधि सम्मत कारवाई आदि की जानकारी दी गयी।

इस दौरान मुख्यालय डीएसपी ने कहा कि बच्चों के जीवन में खुशियां लाने, संविधान अधिकारों का संरक्षण के लिए पुलिस समाज के संरक्षक के रूप में कार्य करें। इसके बाद राज्य स्तरीय रिसोर्स पर्सन अजय कुमार ने बच्चा कौन, इच्छा, आवश्यकता, अधिकार में अंतर, जुवेनाइल जस्टिस, बाल श्रम, बाल विवाह अधिनियम सहित पॉक्सो अधिनियम 2012 पर आधारित बिंदुओं पर दो तरफा संप्रेषण के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। प्रधान दंडाधिकारी स्वाति सिंह ने कहा कि बच्चों के साथ चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर द्वारा संरक्षण देना है। उसके बारे में जानना, भयमुक्त वातावरण देकर उसे अपराध की दुनिया से बाहर करने के लिए कार्य करना है। मौके पर विधि सह परविक्षा अधिकारी सरिता राय, बाल संरक्षण पदाधिकारी अजय कुमार, काउंसलर सुंदरम कुमार कर्ण, प्रोबेशन पदाधिकारी पिंकी कुमारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, बाल गृह, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान,चाइल्ड लाइन व अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि, पुलिस पदाधिकारी आदि मौजूद थे।







