समस्तीपुर के 18 स्कूलों के शिक्षकों का कार्यशाला में हुआ क्षमतावर्द्धन

समस्तीपुर।  शिक्षा परियोजना परिषद एवं क्वेस्ट अलायंस के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक दिवसीय क्षमतावर्द्धन कार्यशाला का आयोजन होटल कैलाश इन में सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला के उदघाटन सत्र में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) मानवेंद्र राय ने प्रतिभागी शिक्षकों से अपील की कि इस संस्था के मूल उद्देश्य बच्चों में विज्ञान, प्राद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित के प्रति रुझान और वैज्ञानिक सोच विकसित करना है जो हमारे विद्यालय में आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया की अब शिक्षकों को ओनरशिप लेनी होगी, अब हमे स्वयं आगे बढ़कर इसे करना होगा। तीन सालों में क्या काम हमारे विद्यालय में हुआ है और उसमे क्या बदलाव आया है यह हमें देखना पड़ेगा। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने शिक्षकों को यह बताया की क्वेस्ट एलायंस द्वारा उनके विद्यालय में 3 एडवांस किट, 100 किताब, किताब रखने की अलमारी तथा स्पोर्ट्स किट दिया जा रहा है जिसका उपयोग सही तरीके से किया जाए और बच्चे उसका लाभ उठा पाए।
इस कार्यशाला में उपस्थित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) रोहित रौशन ने विद्यालयों में नवाचार क्षमतावर्धन करने पर जोर दिया ताकि बच्चों को कर के सीख पाने में यादगार और मददगार साबित हो। कार्यशाला में डाइट पूसा के प्राचार्य मनोज कुमार ने क्वेस्ट एलायन्स द्वारा बच्चों में तकनीकी ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में रुचि बढ़ाने को लेकर क्वेस्ट एलायंस के प्रयासों की सराहना की। साथ ही पूसा डाइट द्वारा दीक्षा पोर्टल पर माइक्रोलर्निंग एवं इंप्रूवमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत ऑनलाइन शिक्षा के लिए कोर्स लंबाई,भार एवं धारिता की समझ कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला में समस्तीपुर के विभिन्न प्रखंडों से चयनित कुल 18 विद्यालयों से 18 प्रधानाध्यापकों एवं 36 शिक्षकों ने भागीदारी दी। इस क्षमतावर्द्धन कार्यशाला का आयोजन प्रतिभागी शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों में 21वीं सदी के कौशल एवं STEM मानसिकता संबंधित क्षमता संवर्धन के उद्देश्य से किया गया। इस कार्यशाला में चयनित सभी विद्यालयों के हज़ारों छात्र-छात्राओं को विज्ञान, प्राद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित विषय मे नई तकनीक के माध्यम से समस्या समाधान, क्रिटिकल थिंकिंग आदि कौशलों के विकास के लिए मानसिकता और क्षमता पर आधारित शिक्षण शास्त्रीय पद्धतियों पर शिक्षकों से साथ गहन मंथन, तार्किक बुद्धि एवं अभ्यास किये जाने पर बल दिया गया। क्वेस्ट अलायंस की ओर से इन 18 विद्यालयों में पिछले तीन सालों से चल रहे एसटीईएम फ़ॉर गर्ल्स नामक कार्यक्रम चल रहा था जिसे आगे भी निरंतर चलाये जाने की भी तैयारी है। शिक्षकों द्वारा साइंस किट का इस्तेमाल कर समस्या-समाधान का अभ्यास करना कार्यशाला का सबसे बड़ा आकर्षण रहा है। इस कार्यशाला को क्वेस्ट अलायन्स के कुशल प्रशिक्षक आनंद पाण्डेय ने समस्या समाधान को 21वि सदी के कौशल एवं स्टेम मानसिकता को आधार बनाकर गहन चर्चा की। उन्होंने वैज्ञानिक सोच और तकनीकी झुकाव को लेकर बच्चों के साथ शिक्षण शास्त्रीय पद्धतियों पर शिक्षकों से अभ्यास कराया। इस कार्यशाला में क्वेस्ट अलायन्स के रंजय कुमार, अर्पणा कुमारी, मो अशरफ, भरत पासवान के अनिल कुमार झा, अजय कुमार सिंह, समीर आनंद मिश्रा, मोनाजरुल इस्लाम, मनोज कुमार, प्रशांत कुमार, राजीव कुमार, विनोद कुमार विमल, अशोक कुमार रजक, राम बालक राय अमीरुल हसन ,संतोष कुमार सिंह, कुंदन कुमार, जय कांत वर्मा, अनुराधा कुमारी,शीलू कुमारी, सरिता मिश्रा, ब्रजेश कुमार, सरिता सारंगी, डॉ विनय कुमार, निशीकांत झा, असीताभ कुमार, ब्रह्मानंद राय, दिनेश यादव, रविंद्र प्रसाद, मुकेश कुमार सहित दर्जनों शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक मौजूद थे।

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