दरभंगा, दूरबीन न्यूज। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो राजेन्द्र साह की अध्यक्षता में अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी की पुनर्निर्धारण तिथि तथा अन्य विषयों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें पूर्व अध्यक्ष प्रो चंद्रभानु प्रसाद सिंह, डॉ सुरेन्द्र प्रसाद सुमन, डॉ आनंद प्रकाश गुप्ता, डॉ मंजरी खरे तथा शोधार्थीगण मौजूद थे।
सर्वसम्मत निर्णय के आलोक में विश्वविद्यालय हिंदी विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा द्वारा ‘भारतीय राष्ट्रीय-सांस्कृतिक आंदोलन और हिंदी साहित्य’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 11 एवं 12 अप्रैल 2023 को किया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी कई मायने में विशिष्ट है। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में पिछले वर्ष देश-विदेश में इस विषय से सम्बंधित कई संगोष्ठियों का आयोजन किया गया है। इस सिलसिले में नये वर्ष में यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी अकादमिक जगत में नए प्रतिमान स्थापित करने के साथ ऐतिहासिक सिद्ध होगी। संगोष्ठी में देश-विदेश के कई प्रसिद्ध विद्वानों को मुख्य और विशिष्ट वक्ताओं के रूप में आमंत्रित किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं पद्मश्री उषा किरण खान, साहित्यकार मधु कांकड़िया, प्रो प्रभाकर पाठक, प्रो कलानाथ मिश्र, डॉ अंजनी कुमार श्रीवास्तव, प्रो विवेक मणि त्रिपाठी (चीन), प्रो कृष्ण कुमार झा (मॉरीशस), प्रो वेदप्रकाश (जापान)।
‘भारतीय राष्ट्रीय-सांस्कृतिक आंदोलन और हिंदी साहित्य’ से सम्बंधित किसी भी विषय पर 250-350 शब्दों का मौलिक शोध-सार सिर्फ यूनीकोड में (वर्ड फाइल) दिनांक 25 मार्च 2023 तक तथा मौलिक शोध आलेख केवल यूनीकोड में (वर्ड फाइल) 10 अप्रैल 2023 तक अनिवार्य रूप से विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के निम्नांकित इमेल seminarhindi2023@gmail.com अथवा व्हाट्सएप्प नं० 9430414508, 6201673282 पर प्रेषित किया जा सकता है। संगोष्ठी के उद्घाटन-सत्र में कुलपति एवं अन्य आगत विद्वतजनों द्वारा स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। संगोष्ठी में शामिल होने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन पंजीकरण आवश्यक है। पंजीकृत प्रतिभागियों के ही स्तरीय आलेख प्रकाशित किये जायेंगे। शिक्षकों के लिए पंजीयन शुल्क 1000₹, शोधार्थियों के लिए 800₹ और छात्र-छात्राओं के लिए 300₹ निर्धारित हैं। शुल्क ऑनलाइनव ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जमा किया जा सकता है। संगोष्ठी हाइब्रिड (ऑनलाइन व ऑफलाइन) मोड में आयोजित की जाएगी। ऑनलाइन जुड़े प्रतिभागियों को भी प्रमाणपत्र डाक के माध्यम से उनके पते पर भेज दिया जाएगा। ऑनलाइन प्रतिभागी शोध पत्र का वाचन ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे।








