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Doorbeen News Desk : शिवाजीनगर : प्रतिभा और परिश्रम जब एक साथ आगे बढ़ते हैं तो सफलता की नई इबारत लिखी जाती है। इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए शिवाजीनगर प्रखंड अतर्गत के होनहार बेटी प्रतिभा कुमारी ने अपनी सुरीली आवाज, संगीत के प्रति समर्पण और निरंतर अभ्यास के दम पर मिथिला आइडल-2026 में शानदार उपलब्धि हासिल की है।
प्रतियोगिता के तीसरे राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए उन्होंने सेमीफाइनल में जगह सुनिश्चित कर ली है। उनकी इस सफलता से परिवार सहित गांव, पंचायत, प्रखंड और पूरे समस्तीपुर जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। क्षेत्र के लोग इसे स्थानीय प्रतिभा की बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

जानकारी के अनुसार प्रखंड के बल्लीपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-13 के नौआपोखर गांव निवासी प्रतिभा कुमारी प्रधान शिक्षक उमेश प्रसाद राय एवं गृहिणी शमता कुमारी की पुत्री हैं। उन्होंने मधुबनी जिले के लौकही में आयोजित मिथिला आइडल-2026 गायन प्रतियोगिता में भाग लिया था।
मिथिलांचल की लोक एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में करीब 110 प्रतिभागियों ने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में एक से बढ़कर एक प्रतिभागियों की मौजूदगी के कारण मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
इसके बावजूद प्रतिभा ने अपनी मधुर आवाज, सुरों पर मजबूत पकड़, लय-ताल की समझ और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति से निर्णायक मंडल का ध्यान आकर्षित किया। अपने शानदार प्रदर्शन के बल पर उन्होंने तीसरे राउंड में सफलता प्राप्त की और सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें प्रमाणपत्र, मेडल एवं मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।

प्रतिभा की इस सफलता के पीछे वर्षों की साधना, संगीत के प्रति गहरी रुचि और लगातार मेहनत की कहानी छिपी है। वर्तमान में वह दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज में संगीत ऑनर्स तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि संगीत के प्रति उनका लगाव बचपन से ही रहा है। विद्यालय में पढ़ाई के दौरान ही उनकी संगीत यात्रा की शुरुआत हो गई थी।
मध्य विद्यालय बल्लीपुर में आठवीं कक्षा में अध्ययन के समय वह प्रतिदिन चेतना सत्र में हारमोनियम बजाकर प्रार्थना सभा का संचालन करती थीं। विद्यालय के इस छोटे से मंच ने उनके अंदर छिपी संगीत प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धीरे-धीरे संगीत के प्रति उनकी रुचि जुनून में बदलती चली गई। संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने की ललक के साथ उन्होंने रोसड़ा के संगीत गुरु निराला जी से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की।

इसके बाद अपनी प्रतिभा को और अधिक निखारने के लिए निरंतर अभ्यास जारी रखा। वर्तमान में वह दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात संगीत शिक्षक प्रोफेसर राजपाल सिंह के मार्गदर्शन में शास्त्रीय एवं सुगम संगीत की बारीकियां सीख रही हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभा अपनी गायन शैली, सुर, ताल और प्रस्तुति को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
तीन बहनों और एक भाई में प्रतिभा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर संगीत के क्षेत्र में यह मुकाम हासिल किया है। साधारण पारिवारिक परिवेश से निकलकर दिल्ली विश्वविद्यालय तक पहुंचना और फिर मिथिला आइडल जैसी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह बनाना उनकी लगन और प्रतिभा को दर्शाता है। प्रतिभा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सदस्यों के सहयोग एवं आशीर्वाद को दिया।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल किसी प्रतियोगिता में जीत हासिल करना नहीं है, बल्कि मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकगीतों और संगीत परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। वह संगीत के क्षेत्र में आगे भी निरंतर मेहनत कर अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं।
प्रतिभा की इस उपलब्धि पर रोसड़ा विधायक बीरेन्द्र कुमार, बीडीओ वीरेंद्र कुमार सिंह, पूर्व बीडीओ हरिओम शरण, बीईओ रामजन्म सिंह, सांसद प्रतिनिधि अशोक कुमार सिंह, प्रखंड प्रमुख डॉ. गोविंद कुमार, बापू टावर पटना के उपनिदेशक ललित कुमार सिंह, बीस सूत्री अध्यक्ष संतोष कुमार बबली, भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार चौधरी, प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, सत्यनारायण आर्य, मृत्युंजय कुमार सिंह, शांति भूषण, राजकुमार मुखिया, राजकुमार राय,

प्रमोद सिंह, मदन कुमार, मोहम्मद अब्दुल्लाह, अवधेश कुमार चौधरी, प्रमोद कुमार सिंह, संतोष कुमार, नीलू कुमारी, पारस नाथ महाराज, मुखिया अनीता देवी, मुखिया चंदन कुमारी, पंचायत समिति सदस्य देवेंद्र कुमार चौधरी एवं सरोज कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
सभी ने प्रतिभा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह सेमीफाइनल और आगामी चरणों में भी अपनी गायन प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी।

उनकी सफलता से क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी अपनी प्रतिभा पहचानने, उसे निखारने और बड़े मंचों तक पहुंचने की प्रेरणा मिलेगी। नौआपोखर गांव की इस बेटी ने अपनी उपलब्धि से यह संदेश दिया है कि ग्रामीण परिवेश में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
जरूरत है तो केवल उचित मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और अवसर की। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें मिथिला आइडल-2026 के सेमीफाइनल पर टिकी हैं, जहां सभी को प्रतिभा से एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।

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