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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर
गंगा की बाढ़ से खरीफ फसल गंवाने वाले समस्तीपुर के किसानों के लिए राहत की खबर है। बाढ़ से फसल क्षति के मुआवजे के लिए कृषि विभाग ने ऑनलाइन आवेदन लेना शुरू कर दिया है। प्रभावित किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
किसानों को निर्धारित समय के अंदर आवेदन करने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार बाढ़ से प्रभावित और पात्र किसानों के फसल क्षति का आकलन पहले ही कराया जा चुका है। अब उसी आधार पर किसानों से सहायता के लिए आवेदन लिया जा रहा है।
10,595 हेक्टेयर में 33% से अधिक फसल क्षति
गंगा के बढ़ते जलस्तर से पटोरी, मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर और विद्यापतिनगर प्रखंड की 41 पंचायतों में बाढ़ का पानी पहुंचा था। इससे खेतों में खड़ी खरीफ फसलें डूब गई थीं। कई खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलें सड़कर बर्बाद हो गई थीं।


कृषि विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार चारों प्रखंडों में कुल 10,946 हेक्टेयर खरीफ फसल प्रभावित होने की संभावना जताई गई थी। इनमें 10,595 हेक्टेयर फसल में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति का आकलन किया गया था। वहीं 351 हेक्टेयर फसल में 33 प्रतिशत से कम नुकसान सामने आया था।
33 प्रतिशत से अधिक क्षति वाले किसानों के फसल क्षेत्र का आंकड़ा अलग से तैयार कर विभाग की ओर से रिपोर्ट सरकार को भेजी गई थी। अब प्रभावित किसानों से मुआवजा/फसल क्षति सहायता के लिए आवेदन लिया जा रहा है।
बाढ़ का सबसे अधिक असर मक्का की फसल पर पड़ा था। इन चारों प्रखंडों में बड़े पैमाने पर मक्का की खेती होती है। पानी में लंबे समय तक डूबे रहने से मक्के के पौधे गलने लगे थे। इसके अलावा धान, सब्जी, तिलहन और सोयाबीन की फसल भी प्रभावित हुई थी।
आवेदन की अंतिम तारीख 29 सितंबर, किसान समय पर करें आवेदन
फसल क्षति के मामले में मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर सबसे अधिक प्रभावित रहे। मोहनपुर की सभी पंचायतें बाढ़ की चपेट में आई थीं। वहीं मोहिउद्दीननगर के कई इलाकों में खेत लंबे समय तक पानी में डूबे रहे थे।
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सुमित सौरभ ने बताया कि गंगा की बाढ़ से चारों प्रखंडों में फसल को नुकसान हुआ था। प्रभावित किसानों से कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर आवेदन लिया जा रहा है। पोर्टल 29 सितंबर तक खुला रहेगा। जिन किसानों की फसल को निर्धारित मानक के अनुसार क्षति हुई है, वे इस अवधि में आवेदन कर सकते हैं।


कृषि विभाग के अनुसार आवेदन के बाद विभागीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किसानों को फसल क्षति सहायता देने की कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के लिए जरूरी: आवेदन की अंतिम तिथि 29 सितंबर है। इसलिए प्रभावित किसान अंतिम दिन का इंतजार किए बिना समय रहते डीबीटी पोर्टल पर आवेदन करें और आवेदन से संबंधित जरूरी जानकारी/दस्तावेज सुरक्षित रखें।

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