संत निरंकारी मिशन के रक्तदान शिविर में उमड़ा सेवा का उत्साह, संत-महात्माओं ने किया रक्तदान

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Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर संत निरंकारी मिशन की ओर से रविवार को शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत गोसाई पोखर के समीप ब्रांच के पावर हाउस के पास रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रक्तदान के साथ सत्संग का भी आयोजन किया गया, जिसमें मानवता की सेवा, प्रेम, भाईचारे और परोपकार का संदेश दिया गया। शिविर में कुल 34 यूनिट रक्तदान किया गया।

रक्तदान के लिए संत महात्माओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी आगे आए और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपना योगदान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संत निरंकारी मिशन के जोनल इंचार्ज महात्मा जवाहर प्रसाद ने की। उन्होंने अपने संबोधन में निरंकार परमात्मा के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ मानवता की सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन केवल आध्यात्मिक जागृति का संदेश देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, सुमिरन और सत्संग के माध्यम से मानव को मानव के करीब लाने का कार्य करता है। सेवा की भावना से किया गया प्रत्येक कार्य समाज में प्रेम और भाईचारे को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा कि निराकार परमात्मा को जानने और समझने से मनुष्य के भीतर प्रेम, भाईचारा, दया और परोपकार की भावना विकसित होती है। मिशन का संदेश है कि “मानव हो मानव का प्यारा, एक-दूसरे से बने सहारा।” उन्होंने कहा कि जब मनुष्य दूसरे मनुष्य के सुख-दुःख में साथ खड़ा होता है, तभी सच्ची मानवता का निर्माण होता है। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रक्तदान भी है।

किसी जरूरतमंद मरीज को समय पर उपलब्ध कराया गया रक्त उसके लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है। जोनल इंचार्ज महात्मा जवाहर प्रसाद ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं।” स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ रहने की स्थिति में समय-समय पर रक्तदान करने और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की सेवा है।
शिविर के दौरान संत निरंकारी मिशन के समस्तीपुर के मुखी राजेश जी, रामप्रकाश जी, संचालक चंदेश्वर जी, विजय जी एवं मनमीत जी सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। स्थानीय स्तर पर मुखी महात्मा हृदय नारायण सिंह, स्थानीय संचालक अखिलेश कुमार, शिक्षक कैलाश कुमार एवं संतोष कुमार, कमलेश मंडल, रामानंद मंडल एवं रामगुलाम सहित अन्य गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

सभी ने रक्तदान शिविर की सराहना करते हुए मानव सेवा के इस कार्य को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। रक्तदान शिविर में सदर अस्पताल, समस्तीपुर की मेडिकल टीम ने अपनी सेवाएं दीं। मेडिकल टीम में डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. सौरभ कुमार, धीरज, दीपक कुमार एवं वंदन कुमार शामिल रहे। मेडिकल टीम की निगरानी में रक्तदाताओं की आवश्यक जांच एवं रक्त संग्रह की प्रक्रिया पूरी की गई। शिविर के दौरान रक्तदान करने वालों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई।

शिविर में चंद्ररेखा कुमारी, अनिल कुमार, मिथिलेश कुमार, अनीता कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, रुपेश कुमार, दिलीप कुमार एवं दिनेश कुमार सहित अनेक संत-महात्माओं ने रक्तदान किया। इनके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आकर मानव सेवा की भावना को मजबूत किया। रक्तदाताओं में रक्तदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने रक्तदान करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया गया कि आध्यात्मिक जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल स्वयं के कल्याण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज और मानवता के प्रति जिम्मेदारी का निर्वहन भी होना चाहिए। रक्तदान शिविर इसी सेवा भावना का प्रत्यक्ष उदाहरण बना। आयोजन के दौरान सेवा, सुमिरन और सत्संग के संदेश के साथ मानवता के प्रति समर्पण का भाव दिखाई दिया। 34 यूनिट रक्त संग्रह के साथ संपन्न हुआ यह शिविर लोगों को जरूरतमंदों के जीवन में योगदान देने और समाज में सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दे गया।

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