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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राहत एवं बचाव कार्य लगातार तेज गति से संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य, आवागमन तथा पशुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों के माध्यम से समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है।
वर्तमान में जिले में 2,33,212 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित परिवारों तक राहत सुविधाएं समय पर पहुंचाने के लिए संबंधित प्रखंडों में प्रशासनिक एवं आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार सक्रिय हैं।
81 सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रतिदिन 65 हजार लोगों को भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में 81 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से सुबह एवं शाम मिलाकर प्रतिदिन लगभग 65,000 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
सामुदायिक रसोई के संचालन, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को भोजन के लिए कठिनाई का सामना न करना पड़े।


32,515 पॉलिथीन शीट्स का वितरण
बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल आश्रय एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए अब तक 32,515 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित परिवारों को पॉलिथीन शीट्स एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की कार्रवाई लगातार जारी है।
18 मेडिकल कैंपों में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाएं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए 18 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से प्रभावित लोगों को चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाएं एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर लोगों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का आकलन करते हुए आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं।


पशुओं के लिए 17 कैंप एवं शेड की व्यवस्था
बाढ़ के दौरान पशुओं की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए 17 पशु कैंप/शेड संचालित किए जा रहे हैं।
पशुओं के लिए चारा एवं भूसा की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अब तक 490 क्विंटल पशु चारा/भूसा का वितरण किया जा चुका है तथा आवश्यकता के अनुसार इसका वितरण लगातार जारी है।
17 पशु चिकित्सा कैंप सक्रिय, 290 पशुओं को दी गई दवा
पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए 17 पशु चिकित्सा कैंप संचालित किए जा रहे हैं। अब तक 290 पशुओं को आवश्यक दवा एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। पशु चिकित्सा टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं दवा उपलब्ध कराई जा रही है।

तीनों प्रभावित प्रखंडों में 201 नावों का परिचालन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन तथा राहत सामग्री पहुंचाने के लिए तीनों प्रभावित प्रखंडों में कुल 201 नावों का परिचालन किया जा रहा है। नावों के माध्यम से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा आवश्यकतानुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य लगातार जारी है।
राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में सतत भ्रमण करते हुए प्रभावित लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान
सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षित आवागमन, आश्रय, राहत सामग्री तथा पशुओं के लिए चारा एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति एवं परिवार तक आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं सहायता समय पर पहुंचे तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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