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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने 1 सितंबर को काला दिवस मनाया। इस दौरान सदर अस्पताल समस्तीपुर से समाहरणालय तक प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च में शामिल कर्मचारियों ने बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रमंडलीय मंत्री सह जिला चिकित्सा संघ के मंत्री राजीव रंजन ने कहा कि 1 सितंबर को कर्मचारियों द्वारा काला दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल से समाहरणालय तक प्रतिरोध मार्च निकालने के बाद जिला दंडाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम विभिन्न मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपा गया है।


राजीव रंजन ने कहा कि 1 सितंबर 2005 को बिहार के कर्मचारियों पर नई पेंशन नीति लागू की गई थी। कर्मचारी संगठन इसी व्यवस्था के विरोध में लगातार अपनी आवाज उठा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा को देखते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था जरूरी है। इसके लिए बिहार सरकार केंद्र सरकार पर दबाव बनाए, ताकि कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जा सके।


राजीव रंजन ने स्पष्ट कहा कि जब तक पुरानी पेंशन की मांग पूरी नहीं होती, कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा। मौके पर पूर्व नेता लक्ष्मी कांत झा, रंजना कुमारी, पूजा भारती, मीनू कुमारी, वीरेंद्र कुमार सहित अन्य थे।

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