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Doorbeen News Desk: पूसा (समस्तीपुर)। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र ने 1 से 5 जुलाई तक के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में इस अवधि के दौरान गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवा और मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। विशेष रूप से 1 से 3 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज होगी। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि बेगूसराय में यह 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। हवा पूर्वी दिशा से 12 से 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है।


मौसम वेधशाला, पूसा के अनुसार पिछले तीन दिनों में 134.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान औसत अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री और न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह
बारिश को देखते हुए वैज्ञानिकों ने किसानों को नीचले खेतों में धान की रोपनी शुरू करने की सलाह दी है। साथ ही मध्यम अवधि की धान किस्मों राजेंद्र नीलम, राजेंद्र भगवती, राजेंद्र सरस्वती और राजेंद्र श्वेती की नर्सरी तैयार करने तथा बीज उपचार के बाद ही बुआई करने की सलाह दी गई है।


इसके अलावा खरीफ प्याज की नर्सरी तैयार करने, तिल, खरीफ मक्का और श्रीअन्न (मोटे अनाज) की बुआई शुरू करने का भी यह उपयुक्त समय बताया गया है। सब्जी उत्पादकों को भिंडी, लौकी, नेनुआ, कद्दू और खीरा जैसी फसलों की बुआई के साथ खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से वज्रपात और तेज हवा के दौरान खेतों में काम करने से बचने तथा मौसम साफ होने पर ही कृषि कार्य करने की अपील की है।


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