विद्यालयों में शुरू हुआ भारतीय भाषा समर कैंप, खेल-खेल में बच्चे सीखेंगे नई भाषाएं

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Samastipur news: शिवाजीनगर प्रखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में बुधवार से भारतीय भाषा समर कैंप की शुरुआत हुई। शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह विशेष समर कैंप 13 मई से 19 मई तक चलेगा। एक सप्ताह तक चलने वाले इस शिविर में बच्चों को उनकी मातृभाषा के अलावा एक अन्य भारतीय भाषा सीखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

शिविर का उद्देश्य बच्चों में बहुभाषावाद, राष्ट्रीय एकता, संवाद क्षमता और भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करना है। प्रखंड के सभी 125 विद्यालयों में एक साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम को लेकर छात्र छात्राओं में खासा उत्साह देखा गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार आयोजित किए जा रहे इस विशेष शिविर में बच्चों को खेल-खेल में भाषा सिखाने की व्यवस्था की गई है।

प्रतिदिन दो घंटे तक चलने वाली गतिविधियों में बच्चों को नई भाषा के शब्द, अभिवादन, परिचय, संवाद शैली, गीत-संगीत और सांस्कृतिक जानकारी दी जाएगी। इस वर्ष के कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय सांकेतिक भाषा का बुनियादी प्रशिक्षण भी है, जिससे बच्चे संकेतों के माध्यम से संवाद करने की कला सीख सकेंगे।

समर कैंप के पहले दिन बच्चों को चुनी गई भाषा में अभिवादन करना, अपना परिचय देना, वर्णमाला, गिनती और सामान्य शब्दावली सिखाई गई। विद्यालयों में शिक्षकों ने बच्चों को समूह बनाकर गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया। कई विद्यालयों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिंदी, मैथिली, उर्दू एवं अन्य भारतीय भाषाओं के सामान्य शब्दों का अभ्यास किया।

शिक्षक बच्चों को भाषा सीखने के साथ साथ उसके सांस्कृतिक महत्व की भी जानकारी दे रहे हैं। दूसरे दिन बच्चों को दैनिक जीवन से जुड़े संवादों का अभ्यास कराया जाएगा। इसमें बाजार में खरीदारी करना, रास्ता पूछना, बस स्टैंड या सार्वजनिक स्थानों पर बातचीत करने जैसे व्यवहारिक संवाद सिखाए जाएंगे। तीसरे दिन गीत संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें बच्चे चुनी गई भाषा में लोकगीत और देशभक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे।

चौथे दिन स्थानीय संस्कृति और खानपान पर आधारित गतिविधियां होंगी, जिसमें पारंपरिक व्यंजन, फल, सब्जियां एवं मसालों के नामों की जानकारी दी जाएगी। पांचवें दिन यातायात एवं नागरिक नियमों की जानकारी दी जाएगी। बच्चों को सड़क सुरक्षा, यातायात संकेतों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यवहार संबंधी नियमों से अवगत कराया जाएगा। छठे दिन इतिहास और भूगोल से संबंधित गतिविधियां आयोजित होंगी, जिसमें विभिन्न नदियों, पहाड़ों और ऐतिहासिक स्थलों के नामों के माध्यम से बच्चों के ज्ञान का विस्तार किया जाएगा।

शिविर के अंतिम दिन प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं समापन समारोह का आयोजन होगा, जिसमें बच्चों द्वारा सीखी गई भाषाई गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। विद्यालयों में आयोजित इस शिविर को सफल बनाने में प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, सत्यनारायण आर्य, रामनाथ पंडित, बिहारी दास, अरुण पासवान, दिलीप ठाकुर, नीलू कुमारी, संतोष कुमार, मोहम्मद अब्दुल्ला, मोहम्मद जैनुद्दीन, सरिता कुमारी, संजीत पोद्दार, अवधेश चौधरी, मदन कुमार, शांति भूषण, उमेश प्रसाद राय, हीरानंद झा, प्रदीप कुमार, प्रमोद पासवान, देवानंद कामद, संजीव कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह एवं राजकुमार मुखिया सहित अन्य अपने अपने विद्यालय में प्रधानाध्यापक एवं प्रधान शिक्षक के नेतृत्व में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के शिविर बच्चों के आत्मविश्वास, संवाद कौशल और रचनात्मक क्षमता को विकसित करने में काफी सहायक साबित होंगे।

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