सर्वाइकल कैंसर से बचाव को 15 किशोरियों को लगा गार्डासील वैक्सीन, पीएम ने किया अजमेर से किया आगाज

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सर्वाइकल कैंसर से बचाव को 15 किशोरियों को लगा गार्डासील वैक्सीन, पीएम ने किया अजमेर से किया आगाज

Doorbeen News Desk: समस्तीपुर : जिले की बेटियों को सुरक्षित और उज्जवल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एचपीवी की नई वैक्सीन गार्डासिल की लांचिंग हुई। सदर अस्पताल परिसर में मातृ एवं शिशु अस्पताल भवन में कार्यक्रम का किया गया। सिविल सर्जन डा. राजीव कुमार ने अपनी मौजूदगी में जिले की 14 साल की उम्र पूरी कर चुकी 15 किशोरियों को गार्डासील का टीका लगवाया।

सीएस ने बताया कि पहले नौ से 14 साल की किशोरियों को कैंसर से बचाव के लिए सर्वावैक्स का टीका लगाया जाता था। ये टीका किशोरियों को दो बार लगवाना पड़ता था। लेकिन गार्डासील का नया टीका अब 14 साल की उम्र की किशोरियों को महज एक ही बार लगवाना होगा। मौके पर डा. आशुतोष कुमार, यूनिसेफ के नकी शेर, खालिद इरफान, धरविंद कुमार, प्रीतम कुमार, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी आलोक कुमार, चंदन कुमार, अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद, जीएनएम नीलम कुमार, एएनएम उषा कुमारी आदि उपिस्थित रहे।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव को लगेगा टीका : जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. विशाल कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत 14 वर्ष की आयु पूरी करने वाली किशोरियों, लेकिन 15 वर्ष की नहीं हुई हैं और पहले से एचपीवी टीका नहीं लगा है, वे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इस घातक सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सुरक्षा कवच प्राप्त कर सकेंगी। इस अभियान पहले जिला स्तर पर फिर प्रखंड स्तर पर भी संचालित किया जाएगा।

चूंंकि, इस कैंसर के शुरुआती चरण में जननेंद्रियों से असामान्य रक्त स्त्राव या दर्द जैसे कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे ””साइलेंट किलर”” भी कहा जाता है। बीमारी बढ़ने पर ही वजह कम होना, पैरों में सूजन या पीठ दर्द जैसे संकेत मिलते हैं। ऐसे में बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। हालांकि, टीके के बाद मामूली दर्ज या हल्का बुखार जैसे सामान्य लक्षण दिख सकते हैं, जो दो-तीन दिनों में स्वत: ठीक हो जाते हैं।

डिजिटल प्लेटफार्म यू-विन से होगी मानिटरिंग :
इस महाभियान को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग डिजिटल प्लेटफार्म ””यू-विन”” का सहारा ले रहा है। अभिभावक अपनी बेटियों का पंजीकरण घर बैठे या सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर करा सकते हैं। टीकाकरण के उपरांत डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर सकते हैं।

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