किशोरों के सपनों को मिलेगा सही रास्ता, शिक्षकों का कैरियर गाइडेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

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किशोरों के सपनों को मिलेगा सही रास्ता, शिक्षकों का कैरियर गाइडेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

Doorbeen News Desk: समस्तीपुर : शहर के तिरहुत एकेडमी स्थित सभागार में पिछले तीन दिनों से चल रहे करियर गाइडेंस कार्यक्रम के तहत नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी 20 प्रखंड के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों से नामित एक-एक शिक्षक ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किशोर एवं किशोरियों को उनके भविष्य और करियर के प्रति जागरूक बनाने के लिए शिक्षकों को प्रभावी मार्गदर्शन की विधियों से परिचित कराना था।

प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए डीपीओ एसएसए जमालुद्दीन ने कहा कि आधुनिक युग में शिक्षा अब केवल परीक्षा में लंबे-लंबे उत्तर लिखने, अच्छा प्रदर्शन करने और अगली कक्षा में आगे बढ़ने का मामला नहीं रह गया है। आज छात्र ऐसे परिवेश में पले-बढ़े हैं जहाँ अनगिनत रोज़गार के अवसर हैं, उद्योग लगातार बदल रहे हैं और शैक्षणिक दबाव कभी खत्म नहीं होता. अवसरों की संख्या में वृद्धि होने के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।

छात्र अक्सर असमंजस में रहते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए, कौन सा विषय चुनना चाहिए और शिक्षा से करियर कैसे बनता है. यहीं पर करियर मार्गदर्शन की आवश्यकता महसूस होती है. एपीओ सुजीत कुमार ने कहा कि करियर मार्गदर्शन निश्चित रूप से एक छात्र के शैक्षणिक जीवन को निर्धारित करने वाला एक महत्वपूर्ण तत्व है. यह शिक्षा और भविष्य के बीच एक सेतु का काम करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि छात्र स्पष्टता के साथ भविष्य की ओर अग्रसर हों. प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन स्टेट मास्टर ट्रेनर सुभीत कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया।

उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के मार्गदर्शक भी होते हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि शिक्षकों को छात्रों से नियमित संवाद स्थापित करना चाहिए, उनकी रुचियों और सपनों को समझना चाहिए तथा उन्हें उपलब्ध शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों की जानकारी देनी चाहिए।प्रशिक्षण के प्रारंभिक सत्र में शिक्षक राहुल कुमार ने “कैरियर गाइडेंस क्या है” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक संभावनाओं को समझने में मदद करती है।

वहीं शिक्षक गौतम बिहारी ने करियर गाइडेंस और करियर काउंसलिंग के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि सही समय पर दिया गया मार्गदर्शन छात्रों को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। अधिवक्ता प्रकाश कुमार ने नोडल शिक्षकों की जिम्मेदारियों को विस्तार से समझाते हुए कहा कि शिक्षक विद्यालय स्तर पर छात्रों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित करें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें विशेषज्ञ करियर काउंसलर से भी जोड़ें। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने से छात्र गलत निर्णय लेने से बच सकते हैं। शिक्षाविद जितेंद्र नारायण ने कहा कि सही करियर मार्गदर्शन छात्रों को उनके विषयों, प्रतिभाओं और भविष्य के लक्ष्यों को आपस में जोड़कर व्यापक परिप्रेक्ष्य देखने में सक्षम बनाता है।

जो छात्र अपनी शिक्षा के बीच संबंध को समझ पाते हैं, वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं. प्रशिक्षण के दौरान सभी शिक्षकों को कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम से संबंधित पोस्टर और बैनर भी उपलब्ध कराए गए, ताकि वे अपने-अपने विद्यालयों में इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में संभाग प्रभारी एपीओ सुजीत कुमार, ऋतुराज जायसवाल, विशाल और प्रेम कुमार सहित कई शिक्षकों ने सराहनीय भूमिका निभाई।

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